जानिए क्यों प्रिय है भगवान शिव को सावन

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सावन या श्रावण का महीना सनातन धर्म में एक अलग महत्व रखता है। हिन्दी मास का पांचवा महीना श्रावण (सावन) शिव भक्तों के लिए और भी ज्यादा खास होता है। यह महीना भगवान शिव का प्रिय माना गया है। सोमवार का दिन ऐसे तो भगवान शिव का दिन होता ही है पर सावन महीने की सोमवारी मनोकामना पूर्ण करने वाली मानी जाती है। सावन महीने में सोमवार का व्रत रख कर लोग भगवान शिव की आराधना करते हैं और महादेव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। हर साल श्रावण मास में लाखों की तादाद में कांवड़ियां सुदूर स्थानों से आकर गंगा जल से भरी कांवड़ लेकर पदयात्रा करके अपने निवास स्थान को वापस लौटते हैं और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। इस यात्रा को कांवड़ यात्रा कहा जाता है।

क्यों भगवान शिव को प्रिय है सावन?

सावन महीना भगवान शिव का अत्यंत प्रिय माना गया है। इस माह का हर एक दिन खास और पवित्र है। कहते हैं कि भगवान शिव अपने भक्तों की पुकार से जल्दी प्रसन्न हो जाते है। भगवान शिव के इस भोले स्वभाव के कारण लोग उन्हें भोले बाबा और भोले भंडारी कह कर भी पुकारते हैं।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब धरती से श्री (लक्ष्मी) श्राप की वजह से लुप्त हो गयी थी तब देव और अशुरों ने मिल कर समुन्द्र मंथन किया था। समुद्र मंथन से निकले हलाहल (विष) से जब पूरे विश्व में कोहराम मच गया था। तब देवों के देव, महादेव ने उस हलाहल को पी कर सृष्टि की रक्षा की थी।
विषपान के बाद विष के प्रभाव से महादेव का शरीर बहुत ही ज्यादा गर्म हो गया था जिससे भगवान शिव को काफी परेशानी होने लगी थी। भगवान शिव को इस परेशानी से बाहर निकालने के लिए वर्षा के देवता इंद्र ने जमकर बारिश की। कहते हैं कि यह घटनाक्रम सावन महीने में हुआ था। भगवान शिव ने विष पी कर संसार की रक्षा की थी। मान्यता है कि सावन के महीने में शिव जी अपने भक्तों का कष्ट अति शीघ्र दूर कर देते हैं।
मान्यता है कि भगवान शिव को बेल पत्र अति प्रिय है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से बेल पत्र और जल अर्पित करता है भगवान शिव उसकी मनोकामना पूरी करते हैं। मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने सावन में विष पिया था इस वजह से उनके भक्तगण सावन में उन्हें जल जरूर अर्पित करते हैं।

इस साल का सावन का महीना

हिंदी पंचांग के अनुसार चैत्र से शुरू होने वाले हिंदी वर्ष का पांचवा महीना सावन होता है। इस साल यानी कि 2021 में सावन का महीना ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बार सावन रविवार से शुरू हो कर रविवार 22 अगस्त को खत्म हो रहा है। इस वर्ष सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को होगा। इस वर्ष सावन में चार सोमवार होंगे।

2021 के सावन के सोमवार

  1. पहला सोमवार – 26 जुलाई 2021
  2. दूसरा सोमवार – 2 अगस्त 2021
  3. तीसरा सोमवार – 9 अगस्त 2021
  4. चौथा सोमवार – 16 अगस्त 2021