Pradhan Mantri Awas Yojana : बिहार में पिछले इतने साल में बमुश्किल से 40 फीसद बेघरों को ही मिला घर

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भारत में सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना(Pradhan Mantri Awas Yojana) एक स्कीम है, जिसका उद्देश्य कमजोर वर्गों को सस्ते दर पर घर प्रदान करना है। 25 जून, 2015 को शुरू की गई, PMAY ने 75वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने से पहले 31 मार्च, 2022 तक शहर के निम्न वर्ग के लिए 2 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार, रियल एस्टेट बिल्डरों के सहयोग से, चुनिंदा शहरों में ईको-फ्रेंडली तरीकों से सस्ते पक्के मकानों का निर्माण करने की कोशिश कर रही है। इस प्रमुख प्रोग्राम के अंतर्गत CLSS या क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम, मौजूदा घरों के निर्माण, खरीद या नवीकरण के लिए होम लोन पर सब्सिडी प्रदान करती है।

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना(Pradhan Mantri Awas Yojana) (ग्रामीण) के अंतर्गत बिहार को 11 लाख 49 हजार 947 आवास आवंटित हुए। परिवार को छत मुहैया कराने की जतन में जुटी सरकार ने पिछले चार साल में बमुश्किल से 40 फीसद बेघरों को ही घर मुहैया कराया था। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2020-21 के बीच 27,22,019 घरों का निर्माण होना था, लेकिन 12,44,462 घर ही बने। सूचना का अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी से इसका खुलासा हुआ था।

सब के लिए आवास की दिशा में मोदी सरकार का यह क्रांतिकारी कदम ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ योजना के अंतर्गत 2022 तक सबको आवास के लिए बिहार को 11,49,947 आवास आवंटित हुए हैं और वर्ष 2021-22 के लिए विभिन्न राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों को कुल 61,84,371 आवास आवंटित हुए।