जिन्दा होने का सबुत खुद जिन्दा महिला को देने में जल गये नौ दिया तेल

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हिंदी फिल्म जौली एलएलबी के सीताराम की तरह जामताड़ा के कर्माटांड़ की एक महिला खुद को जिंदा साबित करने के लिए 3 साल से दफ्तरों का चक्कर काट थक गई और जब उसे न्याय नहीं मिला तो अब वह न्यायालय की शरण में आई है।

घटना जामताड़ा के करमाटांड़ प्रखंड अंतर्गत बनकटी गांव की है। महिला का नाम चंद्रमा देवी है जो वर्तमान में जिंदा हैं। बावजूद पंचायत कार्यालय द्वारा चंद्रमा देवी के नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। जिससे उसे सारी सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

यही कारण है कि चंद्रिका देवी खुद को जिंदा साबित करने के लिए पिछले 3 वर्षों से कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं और जब वहां से न्याय नहीं मिला तो अब वह न्यायालय की शरण में है। बताया जा रहा है कि बनकटी गांव के चंद्रमा देवी के पति लक्की राय की मृत्यु वर्ष 2019 में हो गई थी। चंद्रमा ने पति के मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए पंचायत कार्यालय में आवेदन दी थी। एक साल बाद जब पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बना भी तो उसमें पति का नाम नही बल्कि चंद्रमा देवी का नाम था। अब उसे सुधार कराने के लिए वह परेशान है।