पूर्व मुख्यमंत्री Jitan Ram Manjhi का तस्वीरी विरोध,आखिर मोदी क्यों?

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) के फाउंडर जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने रविवार, 23 मई को कोविड टीके (Covid Vaccine) की दूसरी डोज ली है। इस बात की जानकारी उन्होंने ट्वीट कर के दी। उन्होंने टीका लगवाते हुए अपनी तस्वीर पोस्ट की साथ ही दूसरों से टीका लगवाने की अपील भी की। हालांकि यह अलग बात है कि राज्य में वैक्सीन की शॉर्टेज चल रही है और कई टीका केंद्रों पर ताला जड़ा हुआ है।

पर यहां मुद्दे की बात टीका केंद्र नहीं कुछ और है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने वैक्सीन सर्टिफिकेट पर मोदी की तस्वीर को लेकर आपत्ति जताई है। मांझी ने ट्वीट कर इसका विरोध किया है।


दरअसल, मांझी ने टिका लगवाने वाली तस्वीर के बाद एक और ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था की उन्हें को-वैक्सीन का दूसरा डोज़ लेने के बाद प्रमाण-पत्र दिया गया जिसमें प्रधानमंत्री की तस्वीर लगी है। देश में संवैधानिक संस्थाओं के सर्वेसर्वा राष्ट्रपति हैं इस नाते उसमें राष्ट्रपति की तस्वीर होनी चाहिए,वैसे तस्वीर ही लगानी है तो राष्ट्रपति के अलावा P.M स्थानीय C.M की भी तस्वीर हो।

इस ट्वीट के बाद राजनीतिक सुगबुगाहट तेज हो गई है। क्योंकि मांझी ने अप्रत्याशित तौर पर स्थानीय मुख्यमंत्री यानी कि नीतीश कुमार (NItish Kumar) की तस्वीर प्रमाण पत्र पर होने की वकालत कर दी है। आपको याद दिला दें कि मांझी ने ‘जदयू’ से अलग हो कर अपनी पार्टी ‘हम’ (HUM) का गठन किया था।


वैक्सीनेशन के बाद मिलने वाले प्रमाण-पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर होने का अब तक देश भर में कांग्रेस ही विरोध करते आ रही थी। लेकिन अब एनडीए (NDA) के अंदरखाने से भी मोदी की तस्वीर को लेकर विरोध शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार कोरोना वैक्सीन लेने के बाद दिये जानेवाले सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के जगह पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर वाला सर्टिफिकेट दे रही है। जबकि बाकी राज्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला प्रमाण-पत्र ही दिया जा रहा है। जिसपे पीएम मोदी का संदेश भी छपा होता है।

एक तरफ जहां कांग्रेस, वैक्सीन प्रमाणपत्र पर मोदी के तस्वीर पर आपत्ति जता रही है वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में मिलने वाले सर्टिफिकेट पर सीएम भूपेश बघेल की तस्वीर होने से बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं को आपत्ति है।

बरहाल बहस वैक्सीन से हट कर वैक्सीन प्रमाण पत्र पर छपी तस्वीर पर जा रुकी है। अभी तक हिंदुस्तान में 50% टिकाकरण भी नहीं हो पाया है।