फिर से फेल होती दिख रही Bihar की टीका अभियान

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जब देश में कोरोना की vaccine आई थी, तब सरकार का यह बयान आया था कि इसी साल के अंत तक यानी दिसंबर 2021 तक पुरे देश भर को vaccinate कर दिया जायेगा। लेकिन देश भर में जिस तरह से देश के अलग अलग राज्यों में vaccine की कमी की ख़बरें सामने आ रही है, उसे देख कर ऐसा ही लग रहा है की सरकार द्वारा दिया गया वो बयान बनावटी है। बात अगर महाराष्ट्र की करें, जहां शुरू से ही कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आये हैं। वहां आज vaccine की कमी के कारण टीकाकरण रोक दिया गया है। ऐसी ही ख़बरे देश के अन्य राज्यों से भी आ रही है। वैक्सीन की कमी वाले राज्यों की लिस्ट में बिहार भी शामिल है। वहीं बिहार जो एक समय में सबसे ज्यादा vaccination के मामले में रिकॉर्ड दर्ज कर चूका है। अब वहां भी वैक्सीन की कमी देखने को मिल रही है। आइये जानते हैं बिहार में बढ़ रहे वैक्सीन की कमी को, विस्तार से।

Bihar में टीकाकरण अभियान में तेजी आये इसके लिए नितीश सरकार ने जागरुकता अभियान चलाये। सौकड़ों की संख्या में बिहार के ग्रामीण तथा शहर के गली मुहल्लों में टीका एक्सप्रेस भी चलाये गए। जिससे राजयभर में टीकाकरण अभियान में तेजी भी आई। लेकिन अब इसी अभियान में पिछले कई दिनों से लगातार कमी देखने सुनने को मिल रही रही। बिहार में टीके की कमी ने टीकाकरण के महाभियान को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसके साथ ही टीकाकारण केंद्रों की संख्या भी धीरे धीरे कम हो रही है।

बिहार में जब टीकाकरण अभियान शुरू हुआ तो पहले दिन 7.29 लाख टीकाकरण करके बिहार ने सबको चौंकाया था। मगर अगले ही दिन से राज्य में टीकाकरण का ग्राफ नीचे गिरने लगा। जिसका मेन कारण ये है की राज्य में टीके की कमी। महाभियान के तहत बिहार में छह महीने में छह करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। और इस लक्ष्य को पाने के लिए हर रोज 3.30 लाख लोगों के औसत से टीकाकरण करना होगा। मगर बिहार द्वारा मंगवाए जाने वाले टीके का कोटा खत्म होने के बाद से टीकाकरण की रफ्तार बिल्कुल मंद हो गई है।

टीकाकरण की रफ्तार में एक जुलाई से सुधार होने की संभावना थी। लेकिन बिहार में कोरोना टीके की कमी का असर फिर टीकाकरण अभियान पर दिखने लगा है। covin पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में लगातार covid vaccination में लगातार कमी देखने को मिल रही है। राज्य के कई जिलों में पिछले दिनों 100 से कम vaccine की डोज़ लोगों को दी गयी तो कई जिलों में zero बट्टा सन्नाटा रहा।

जिस तरह से देश सहित बिहार में vaccine की कमी का दर को रोज देखा जा रहा है उसे देख कर ऐसा लगता है कि Nitish Kumar का सपना, टीकाकरण अभियान के जरिए 6 महीने में 6 करोड़ लोगों को टीका देना साकार नहीं हो पायेगा।