कृपा नहीं मेहनत पे होगा बिहार के बच्चों को गर्व

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कोरोना महामारी को देखते हुए सीबीएसई (CBSE) और सीआइएससी (CISC) बोर्ड के साथ अन्य राज्यों के बोर्ड ने भी अंततः 10वीं और 12वीं के छात्रों की परीक्षा रद्द कर दी। अब सभी छात्रों को बिना परीक्षा के सफल हो जाएंगे। ऐसा आज तक कभी नहीं हुआ था, यह पहली बार होगा जब सीबीएसई और सीआइएससी बोर्ड के 10वीं और 12वीं बोर्ड देने वाले स्टूडेंट्स बिना परीक्षा दिये सफल हो जायेंगे। जबकि इसी सेशन में बिहार के छात्रों ने परीक्षा देकर अपनी मेधा का प्रदर्शन किया है।

10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षा बिहार में पहले ही कराई जा चुकी थी। बाकी बोर्ड्स की परीक्षा की डेट जारी की जा चुकी थी पर कोरोना की दूसरी लहर से हालात काबू में ना होने की वजह से परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा।

बिहार 10वीं और 12वीं की परीक्षा से पहले ही निश्चित हो गया था। इस वाजह से सरकार से लेकर शिक्षा विभाग व बोर्ड इस परेशानी से की बच्चों की परीक्षा कैसे कराएं या बिना परीक्षा के कैसे पास करें इन चीजों से कोसों दूर रहे।

12वीं की परीक्षा के रद्द होने से कुछ दिन पहले कोरोना महामारी की वजह से सीबीएसई के 10वीं बोर्ड के एग्जाम टल चुके थे, लेकिन 12वीं के छात्रों में असमंज की स्थिति थी कि एग्जाम होगा या नहीं होगा और अगर होगा तो कब होगा। इस वजह से स्टूडेंट्स काफी परेशान थे। वो हायर एजुकेशन के लिए कुछ सही से डिसाइड नहीं कर पा रहे थे क्योंकि 12वीं का किस्सा खत्म नहीं हो रहा था।

बिहार और बिहार के स्टूडेंट्स इन सब परेशानियों से दूर थे। क्योंकि बिहार बोर्ड ने सही समय पर परीक्षा और रिजल्ट जारी कर लगातार कीर्तिमान रचा है। हालांकि, अब भी तमाम ऐसे राज्य हैं, जो असमंजस में हैं कि एग्जाम रद्द कर दें या थोड़ा इंतजार और कर लें।

शिक्षा के क्षेत्र में ऊँचा स्थान रखने वाले कुछ जाने माने हस्तियों और प्रोफेसर्स का कहना है कि बिहार के बच्चे इस बात पर गर्व करेंगे कि उन्होंने अपनी मेधा के बल पर इस वर्ष की 10वीं या 12वीं की परीक्षा पास की है। जबकि सीबीएसई और सीआईएससी के छात्र बिना परीक्षा दिए ही उत्तीर्ण हो गए हैं।