WTC Final: जानिए फाइनल्स तक पहुँचने में क्या रहा भारत और न्यूजीलैंड के जीत का प्रतिशत

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आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियंसिप (ICC World Test Championship) का फाइनल मैच 18 जून को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाना है। दो साल तक सभी टीमों का परफॉर्मेंस देखने के बाद फाइनल में कौन सी टीम जाएंगी इसका निर्णय हुआ है। हालांकि जितने टेस्ट मैच खेलने के बाद फाइनल्स का निर्णय होना था कोरोना की वजह से उतने मैच हो नहीं पाए।

भारत की टीम इंग्लैंड (England) के लिए रवाना हो चुकी है वहीं न्यूज़ीलैंड (New Zealand) की टीम कुछ दिन पहले ही इंग्लैंड पहुँच चुकी है। भारतीय टीम वहाँ 10 दिनों तक क्वारंटाइन रहेगी हालांकि इस बीच उन्हें प्रैक्टिस करने की अनुमती होगी।

WTC के फाइनल में कुछ ही दिन बचे हैं। आपको बता दें फाइनल्स तक पहुँचने में न्यूज़ीलैंड (New Zealand) ने कुल 11 टेस्ट मैच खेले वहीं भारत की टीम ने कुल 17 टेस्ट।

बता दें, न्यूज़ीलैंड ने 11 टेस्ट में से 6 टेस्ट घरेलू मैदान पर खेले हैं और 100 प्रतिशत जीत की दर रखते हुए सारे मैच जीते हैं। वहीं अगर बात करें न्यूज़ीलैंड से बाहर खेले गए 5 टेस्ट की तो इसमें जीत का दर 20% रहा। देश से बाहर खेले गए 5 टेस्ट मैचों में न्यूजीलैंड को एक में जीत मिली वहीं 4 में हार का सामना करना पड़ा।

अगर भारतीय टीम के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में खेले गए 9 टेस्ट मैचों में 88.89% जीत के दर के साथ 8 में जीत दर्ज की वहीं एक में हार का सामना करना पड़ा। वहीं भारत के बाहर खेले गए 8 मैचों में जीत की दर 50% रही। जहाँ भारतीय टीम ने 4 मैच जीते वहीं 3 में टीम को हार मिली और एक मैच ड्रा रहा।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (World Test Championship) का फाइनल मुकाबला 18 जून से इंग्लैंड (England) के साउथहैंपटन (Southampton) मे खेला जाना है। इस मुकाबले में एक मैच होगा। जो टीम इस मैच में जीतेगी वह दुनिया की टेस्ट चैंपियन होगी। वहीं अगर यह मुकाबला ड्रा हुआ तो खिताब दोनों टीमों के नाम होगा। यानी दोनों ही चैंपियन।

किसी वजह से अगर 5 दिनों में पर्याप्त ओवर नहीं डाले जा पाते तो छठे दिन खेल जारी रहेगा। पर ऐसा मैच ड्रा होने पर नही किया जाएगा। अगर 5 दिनों में मैच का नतीजा नहीं आता है तो खिताब दोनों के नाम किया जाएगा।

पिछले 2 सालों में भारतीय क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड की टीम का टेस्ट में अपने देश से बाहर का प्रदर्शन देख कर अभी तक भारत का पलड़ा भारी लग रहा है। पर इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड की पिचों में समानता का फायदा न्यूज़ीलैंड को मिलेगा।

साथ ही न्यूज़ीलैंड की टीम इंग्लैंड में पहले से पहुँची हुई है और वहां वो (न्यूज़ीलैंड) फाइनल से पहले दो मैच खेलने वाले हैं। इस से उन्हें इंग्लैंड की पिच को समझने का मौका मिलेगा जो उन्हें फाइनल्स में फायदा पहुँचा सकता है।