सिंधिया घराने की एक और नई पीढ़ी ने Politics में मारी एंट्री! मध्य प्रदेश की राजनीति में मचा धमाल

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DESK : मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल रही है. वहीं एमपी के सबसे बड़े राजनीतिक घराने में अब एक और नए चेहरे पॉलिटिक्स (Politics) में एंट्री मारने जा रहा है. वर्तमान केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे आर्यमान सिंधिया को वर्तमान में ग्वालियर डिविजन क्रिकेट एसोसिएशन में उपाध्यक्ष बनाया गया है. माधव राव सिंधिया ने भी अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत क्रिकेट के पिच से ही की थी. खास बात ये है कि आर्यमन का किसी भी संस्था, संगठन में पहला पद है. ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि जल्द ही आर्यमन की राजनीति में एंट्री हो सकती है.

बता दें कि महाआर्यमन सिंधिया की पॉलिटिक्स में ऑपराचिक एंट्री भले ही अब हुई है, लेकिन अनौपचारिक रूप से वो लंबे समय से इस क्षेत्र में एक्टिव हैं. खासतौर पर ग्वालियर-चंबल के इलाकों में वो आम जनता के बीच पहले ही जगह बना चुके हैं. विदेश से पढ़ाई कर चुके महाआर्यमन जब भी ग्वालियर आते हैं, तो आम जनता के बीच पहुंच जाते हैं. अपना जन्मदिन भी उन्हीं के बीच मनाते हैं. उन्हें जनता प्यार से युवराज कहती है और बेहद प्यार लुटाती है. इसका कारण है वो राजघराने की छवि से उलट हमेशा बिना किसी लाव लश्कर के आम जनता के बीच समय बिताते हैं और उनकी समस्याएं सुनते हैं. उनका सादगी भरा अंदाज जनता को मोह लेता है.

जानकारी हो कि पिछले दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थें, जिसके बाद से ही यह कयास काफी तेजी से लगने लगा था कि जूनियर सिंधिया राजनीति के मैदान में एंट्री कर सकते हैं. महाआर्यमन पिता के संसदीय क्षेत्र को काफी हद तक समझते हैं और पकड़ बना रहे हैं. पिछले कुछ समय से गुना-शिवपुरी में वो कई कार्यक्रमों में मौजूद रहे. 2018 में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे तब गुना-शिवुपरी संसदीय सीट से चुनाव हार गए थे.

महाआर्यमन ज्योतिरादित्य सिंधिया के इकलौते बेटे हैं. सिंधिया की एक बेटी भी है. महाआर्यमन का जन्म 17 नबंवर 1995 को हुआ है. वो सिंधिया परिवार की चौथी पीढ़ी है जो राजनीति में उतरी है. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरह दून स्कूल से की. उसके बाद वो अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी ग्रेजुएशन करने चले गए. उनके दादा माधवराव सिंधिया ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पूरी पढ़ाई की थी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री ली.