Neha Singh Rathore : पप्पू यादव के लिए नेहा सिंह राठौर ने भरा हुंकार, सुशासन की जयजयकार

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जब कहर की दस्तक आपके दरवाजे पे पड़ती है तो कसम से पूरा शरीर सिहर जाता है। ऐसे वक़्त पे जब कोई बिना जाने पहचाने निःस्वार्थ भाव से आपका हाथ पकड़ता है और कहता है की घबराओ मत मै हु ना, तब मृत्युसैया पे लेटा इंसान भी खुद को बाहुबली महसूस करने लगता है। वो इंसान आपको मसीहा लगने लगता है। और जब मसीहा के साथ कुछ होता है तो ऐसा लगता है जैसे जिंदगी फिर उजड़ने वाली है। जैसे पुरे भारत में फ़िलहाल सोनू सूद को गरीबों के मसीहा कहा जा रहा है ठीक वैसे हीं बिहार में जब हर कोई अपने घरों में दुबक के बैठ जाता है तब उनके लिए एक मसीहा निकलता है और उसे पप्पू यादव कहते हैं।

जैसा की हम सभी जानते हैं पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसके कारण उनके समर्थकों में आक्रोश भरा हुआ है। लोग सोशल मीडिया पे #Releasepappuyadav का ट्रेंड भी चला रहे हैं। वैसे हम इस बात की चर्चा बाद में करेंगे फ़िलहाल हम लेकर आये हैं बिहार की बेटी नेहा सिंह की बात।

जैसा की हम सभी जानते हैं अपने सुरीली आवाज और व्यंग्यात्मक शब्दों से नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) हमेशा सरकार की लचर व्यवस्था के ऊपर गाने गाती रहती है जिसे जनता खूब पसंद करती है, लेकिन इस बार नेहा सिंह राठौर ने अपने सीधे शब्दों से कुछ ऐसा कहा की लोग उन्हें और भी पसंद करने लगे हैं।

नेहा की फैन फॉलोइंग कुछ ही समय में इतनी ज्यादा बढ़ गई कि उनके फैंस उनके अगले गाने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। चाहे वह नेहा के पॉलिटिकल मुद्दों पर गाए हुए गाने हो या फिर उनके  जीवन से जुड़ी कोई बात। फैंस को उनके बारे में हर चीज बेहद पसंद आती है। नेहा की माँ हाल ही में कोरोना पॉजिटिव हुई थी  जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अपनी मां के लिए सरकार से मदद की गुहार कर रही थी। टि्वटर इंस्टाग्राम फेसबुक हर जगह कई बड़ी हस्तियों ने उनका यह वीडियो शेयर भी किया ।

इसके बाद अब नेहा सिंह राठौर फिर से सामने आई है और इस बार ना तो वह अपनी मां के बारे में बोल रही हैं और ना ही अपनी शादी के बारे में वो सीधे और साफ शब्दों में बोल रही है पप्पू यादव के बारे में।

नेहा सिंह राठौर पप्पू यादव के गिरफ्तारी के विरोध में खुलकर सामने आकर अपनी बात रख रही है। पहले आप यह वीडियो देखिए कि नेहा क्या कह रही हैं पप्पू यादव के गिरफ्तारी पर।

ये बात तो सभी मानेंगे की पप्पू यादव वाकई में जान नेता हैं, आपको याद होगा जब पटना में जलजमाव की स्थिति भयावह हो गयी थी और सुशाषन भी अपने घर के अंदर दुब रहा था तब पप्पू यादव अपने कंधे पे अनाज लिए गर्दन तक पानी में दुबे लोगो की सेवा में हर संभव प्रयासरत  थे। ठीक उसी प्रकार जब पूरा प्रदेश घर के अंदर बंद है और खोखली सु व्यवस्था अपने अंदर का हवा निकाल रही है तब पप्पू यादव बिहार के जरुरतमंदो के मसीहा के रूप में बाहर निकले और यथासंभव उनकी परेशानियों को बाटने की कोशिश में लगे थे।

अब उनके द्वारा बिहार की लचर व्यवस्था को दिखाना, एम्बुलेंस की माया फकीरी का दिखाना या उनकी 32 साल पहले के को में गिरफ़्तारी होना ये तो रिसर्च और अपने अपने मत का विषय है। लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगा हर फ़क़ीर भिखारी नहीं होता साहब,

लइका और लोटा जितना घिसाता है उतने चमकता है और ऑनलाइन के म्यूट क्लास में कौन घिसेगा ?