Bihar MLC Election Results LIVE : कई सीटों पर NDA उम्मीदवारों ने मारी बाजी, RJD का बुरा हाल

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PATNA : बिहार की स्थानीय स्थानीय प्राधिकार कोटे की 24 सीटों के लिए हो रहे MLC चुनाव (Bihar MLC Election Results LIVE) से जुड़ी इस वक़्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के नतीजे अब धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं.

औरंगाबाद, गोपालगंज, पूर्णिया, बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर से बीजेपी और मुजफ्फरपुर, नालंदा से जेडीयू प्रत्याशी की जीत तो पटना और सीवान में आरजेडी की जीत हो चुकी है. पटना में आरजेडी उम्मीदवार कार्तिक कुमार ने जीत हासिल की है. पटना में जदयू उम्मीदवार बाल्मीकि सिंह की करारी हार हुई है. वैशाली से एनडीए प्रत्याशी भूषण राय ने आरजेडी प्रत्याशी सुबोध राय को मात दे दी है. करीब 600 मतों के अंतर से भूषण राय ने जीत दर्ज की है.

इधर समस्तीपुर से बीजेपी के डॉ. तरुण कुमार चुनाव जीत गए हैं. एकतरफा मुकाबले में उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी रोमा भारती को हराया है. अबतक जारी नतीजे की बात करें तो मुजफ्फरपुर में जेडीयू के दिनेश सिंह तो नवादा में अशोक यादव जीत चुके हैं. पूर्णिया में बीजेपी प्रत्‍याशी डॉ. दिलीप जायसवाल जीत गए हैं. वहीं, नालंदा में NDA से जदयू प्रत्याशी रीना यादव चुनाव जीत गई हैं. रीना देवी उर्फ रीना यादव नालंदा में अपनी सीट बचाने में कामयाब रही हैं. इस खबर में नीचे मतगणना का लाइव अपडेट देख सकते हैं.

Bihar MLC Election Counting and Results 2022 Live Updates …

  • वैशाली में पशुपति पारस के प्रत्याशी भूषण राय की जीत
  • गोपालगंज से बीजेपी उम्मीदवार राजीव कुमार की जीत
  • औरंगाबाद से भाजपा प्रत्याशी दिलीप कुमार सिंह की जीत
  • पूर्णिया सीट से BJP कैंडिडेट दिलीप जायसवाल की जीत
  • मुजफ्फरपुर से जेडीयू उम्मीदवार दिनेश सिंह की जीत
  • नवादा सीट से अशोक सिंह की बंपर जीत
  • भोजपुर-बक्सर से जेडीयू के राधाचरण साह आगे

आपको बता दें कि सुबह आठ बजे से ही राज्य के 24 जिलों में बने मतगणना केंद्रों पर वोटों (Bihar MLC Chunav Results 2022) की काउंटिंग जारी है. सोमवार को 24 सीटों पर 97.86 फीसदी वोट पड़े थे. एमएलसी चुनाव के नतीजे बिहार की सियासी भविष्य को भी तय करने वाले माने जा रहे हैं, क्योंकि एनडीए एकजुट होकर चुनाव में उतरा था तो कांग्रेस और आरजेडी ने अलग-अलग किस्मत आजमाई है.

विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है. इसमें तेजस्वी यादव की जातीय रणनीति की परीक्षा होगी. वहीं बीजेपी और जदयू की एकजुटता का भी लिटमस टेस्ट होगा क्योंकि कई मुद्दों पर दोनों दल आमने-सामने आ चुके हैं. इसके अलावा चिराग पासवान ने कहीं बीजेपी तो कहीं जदयू उम्मीदवारों को समर्थन देकर मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है.