बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव, Jitan Ram Manjhi ने बेटे को सौंपी राजनीतिक विरासत

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PATNA : इस वक्त एक ताजा खबर बिहार (Bihar) की सियासी गलियारे से सामने आ रही है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने एक बड़ा कदम उठाया है. मांझी ने अपने बेटे और बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन (Santosh Kumar Suman) को अपनी राजनीतिक विरासत सौंप दी है. उन्होंने संतोष सुमन को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है.

बिहार की राजनीति में कई नेताओं के बेटे और बेटियां अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए तैयार हैं. दिवंगत नेता रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के बाद संतोष सुमन दूसरे ऐसे बड़े नेता हैं, जिन्हें अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने की जिम्मेदारी मिली है. पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित गरीब चेतना सम्मेलन में मांझी ने यह बड़ा फैसला लिया है.

आपको बता दें कि इससे पहले जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ही खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. जबकि उनके बेटे संतोष सुमन को राष्ट्रीय प्रधान महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, जो नीतीश सरकार में लघु जल संसाधन और अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री भी हैं. अब संतोष सुमन सरकार और संगठन दोनों का काम एकसाथ देखेंगे.

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव दानिश रिज़वान ने ट्रेंडिंग बिहार से बातचीत में कहा कि संतोष सुमन जी को पार्टी का सुप्रीमो बनाये जाने पर बधाई देता हूँ. वह एक सक्षम नेता हैं. उन्होंने इससे पहले भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी जोरशोर के साथ सुप्रीमो के फैसले का स्वागत किया है. पार्टी संतोष सुमन के नेतृत्व में बिहार की राजनीति में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी.