Bihar में जल्द होगी असिस्टेंट प्रोफेसरों की प्रोन्नति, प्रमोशन के लिए PhD जरूरी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

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PATNA : बिहार (Bihar) के विभिन्न महाविद्यालओं और विश्वविद्यालयों में प्रमोशन का इंतजार कर रहे असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए ये एक अच्छी खबर है. सरकार जल्द ही प्राध्यापकों की प्रोन्नति कर सकती है. इसके लिए नया परिनियम तैयार कर लिया गया है, जिसमें कठोर मानकों को शामिल किया गया है.

इस परिनियम में यूजीसी के 2018 के प्रावधान समाहित किये गये हैं. नये शैक्षणिक सत्र से पहले इसके लागू होने की उम्मीद है. जानकारी के मुताबिक कुलपतियों की एक कमेटी ने परिनियम बनाकर बिहार उच्चतर शिक्षा परिषद को सौंपा है. यहां से मंजूरी के लिए उसे एक-दो दिनों में शिक्षा विभाग को भेजा जायेगा.

सूत्रों के मुताबिक नये परिनियम के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर (एकेडमिक लेवल 10) के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर (एकेडमिक लेवल 11) में प्रोमोशन के लिए चार साल की सेवा के साथ पीएचडी डिग्री या पांच साल की सेवा के साथ एमफिल या प्रोफेशनल कोर्स में डिग्री जरूरी होगी.

साथ ही टीचिंग और रिसर्च मेथेडोलॉजी में काम भी करना होगा. रिसर्च पेपर का प्रकाशन, रिफ्रेशर कोर्स और प्रोमोशन स्क्रीनिंग कमेटी की गुड ग्रेड भी हासिल करना होगा, असिस्टेंट प्रोफेसर सीनियर लेवल 11 से 12 में प्रोमोशन के लिए, असिस्टेंट प्रोफेसर लेवल 12 से एसोसिएट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर, प्रोफेसर से सीनियर प्रोफेसर और लाइब्रेरियन के प्रोफेसर बनने के लिए विशेष मानक तैयार किये जा रहे हैं.

आपको बता दें कि अभी असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रोमोशन पर रोक लगी है. बिहार के सभी विवि के प्राध्यापकों का प्रमोशन अब यूजीसी के नए मानक के अनुसार होगा. विवि शिक्षकों के प्रमोशन के लिए गठित कुलपतियों की समिति ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) को सौंप दी है. कमेटी के प्रस्तावों पर विमर्श और अपनी मंजूरी के बाद रूस इसे शिक्षा विभाग को भेजेगा.

सूबे के विवि में प्रमोशन अभी तक यूजीसी के 2005 के परिनियम के आधार पर होता था, जबकि यूजीसी इस बीच 2010 और 2018 में परिनियम प्रभावी कर चुका है. इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग ने बिहार के विवि में सहायक प्राध्यापकों के प्रमोशन पर रोक लगा दी थी. अब नया परिनियम लागू होने के बाद विवि शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है.

बिहार उच्चतर शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. कामेश्वर झा ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के प्रमोशन के लिए परिनियम तैयार किया गया है. इसमें नए मानक निर्धारित किए गए हैं. नए मानक पूराने मानक की तुलना में सख्त हैं. जल्दी ही परिनियम को मंजूरी के लिए शिक्षा विभाग के जरिए राजभवन भेजा जाएगा.