वाह रे Bihar सरकार : अधिकारियों के कारण नहीं हो रही भर्ती, इस विभाग में अटकी फाइलें, बहाली पर संकट

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PATNA : बिहार (Bihar) में बेरोजगारी देश के कई राज्यों से ज्यादा है. सूबे में बेरोजगारी दर दोहरे अंक में है लेकिन इसके बावजूद भी सरकार की ओर से बहाली नहीं की जा रही है. जिन विभागों में बहाली प्रक्रिया चल रही है. वहां के अफसरों की लापरवाही के कारण बहाली अधर में लटकी हुई है. क्योंकि फाइलें आगे बढ़ ही नहीं रही हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जो काफी हैरान करने वाला है.

रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों के यहां फाइलें अटकी होने के कारण कृषि विभाग में विभिन्न कोटि के करीब 1500 पदों पर होने वाली बहाली अटकी हुई है. कृषि सचिव डॉ एन सरवण कुमार ने पिछले साल ही अधियाचना के लिए निर्देश दिये थे. स्थिति यह है कि कृषि समन्वयक का रोस्टर सभी जिलों ने तैयार कर लिया है, लेकिन मधुबनी जिले के रोस्टर को डीएम ने मंजूरी नहीं दी है.

कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने पिछले साल विधानमंडल के बजट सत्र 2021 में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि विभाग के रिक्त पदों को जल्दी ही भर लिया जायेगा. मंत्री की सक्रियता के कारण कृषि सचिव ने रोस्टर आदि की प्रक्रिया शुरू कराने निर्देश दिये थे. दिसंबर, 2021 में कृषि सेवा कोटि – 1, 2 और कोटि 3 के रिक्त पदों पर बहाली के लिए सेवा आयोग को अधियाचना भेजने का खाका खींच लिया गया था.

प्रखंड कृषि पदाधिकारी के 856 और 9 जिलों ने कृषि समन्वयक के 354 पदों पर रिक्ति रोस्टर मंजूरी के लिए कृषि निदेशक को भेज दिया गया था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 17 मार्च, 2022 को विशेष सचिव कृषि ने बहाली को लेकर बैठक की थी. बताया गया कि मधुबनी जिला का रोस्टर अनुमोदित नहीं हुआ है. संचिका डीएम के यहां लंबित है. हालांकि, जिला कृषि पदाधिकारी को डीएम से मिल कर इसे अनुमोदित कराने का लक्ष्य जरूर दिया गया.

कृषि सचिव डॉ एन सरवण कुमार ने पिछले साल दिसंबर महीने में रिक्तियों की पदवार समीक्षा करने के बाद अधियाचना भेजने के निर्देश देते हुए कहा था कि जो वर्तमान में प्रभावी नहीं हैं, उन पदों पर कार्यरत कर्मियों को दूसरे डिवीजन में समायोजित किया जाये. इसके अनुपालन में उपनिदेशक प्रशासन को सभी क्षेत्रीय कार्यालय से समन्वय बना कर 15 दिनों के अंदर रिक्त पदों की संख्या उनकी नियमावली और रोस्टर से संबंधित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तैयार करना था.