जिस चीनी लैब को अमेरिका बंद कराने को कहा रहा था, अब उसी लैब को Noble Prize देने की मांग उठ रही है

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कोरोनावायरस की शुरुआती जांच में पता चला था की चीन के वुहान शहर से यह वायरस फैलना शुरू हुआ था। लेकिन जैसे-जैसे यह वायरस पूरी दुनिया में अपना पैर पसारता चला गया वैसे वैसे ही इस वायरस की उत्पत्ति की रिसर्च भी जोरों शोरों से होने लगी। अमेरिकी सरकार के मुताबिक यह वायरस चीन के वुहान शहर का वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) से लीक हुआ था। कई देश अब भी कोरोनावायरस की उत्पत्ति के बारे में जानने के लिए रिसर्च कर रहे हैं। अमेरिका ने चीन को कई बार इस लैब को बंद करने को कहा है। लेकिन चीन इस लैब को बंद करने की बात तो दूर अब इसे नोबेल पुरस्कार दिलाने की बात कर रहा है।

चीन के Foreign Ministry ने एक बयान जारी करते हुए वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) को नोबेल प्राइज दिलाने की मांग की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Zhao Lijiang ने कहा कि Lab में काम करने वाले वैज्ञानिकों को चिकित्सा में Noble Prize देना चाहिए ना कि यह आरोप लगाना चाहिए की कोरोनावायरस की उत्पत्ति इसी लैब से हुई थी।

साथ ही आपको यह भी बता दें कि चीनी विज्ञान अकादमी ने ‘आउटस्टैंडिंग साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी अचीवमेंट प्राइज़ के लिए कोरोना वायरस को लीक करने का आरोप झेल रहे वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को नॉमिनेट किया है। इस प्राइज के लिए इस लैब को कोरोनावायरस की पहचान करने की उपलब्धि के लिए नॉमिनेट किया गया। इसी के साथ चीन की ‘Bat Lady’ कही जाने वाली इंस्टीट्यूट की वैज्ञानिक शी जंगली (Shi Zhengli) को अपने उत्कृष्ट योगदान देने वाले के रूप में चुना गया।