McDonald पर लगा $10 Billion का मुकदमा, अश्वेत-स्वामित्व वाले मीडिया से किया कथित भेदभाव

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McDonald पर Byron Allen की दो कंपनियों ने $10-अरब (लगभग ₹73,000 करोड़) का मुकदमा दायर किया है। मैकडॉनल्ड्स पर अश्वेत स्वामित्व वाले मीडिया आउटलेट्स के साथ पर्याप्त विज्ञापन नहीं करने के लिए नस्लीय भेदभाव का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, मैकडॉनल्ड्स ने 2019 में अपने $1.6 अरब अमेरिकी ऐड बजट से $50 लाख से भी कम राशि ब्लैक- स्वामित्व वाले मीडिया पर लगाई।

ब्लैक यूएस बिजनेस मोगुल के स्वामित्व वाली दो कंपनियों ने MacDonald पर मुकदमा दायर किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि फास्ट फूड की दिग्गज कंपनी McDonald ब्लैक-स्वामित्व वाली मीडिया कंपनियों के साथ फिर से भेदभाव कर रही है। मुकदमा कैलिफोर्निया के सुपीरियर कोर्ट में दायर किया गया है और हर्जाने में $ 10 अरब की मांग की गई है।यह प्रमुख अमेरिकी निगमों को ब्लैक-स्वामित्व वाले मीडिया पर अधिक विज्ञापन पैसा खर्च करने के लिए, Byron Allen द्वारा एक अभियान का हिस्सा है।

आपको बता दें यह मुकदमा Byron के स्वामित्व वाली दो कंपनियों द्वारा दायर किया गया है- Entertainment Studios Networks Inc. and Weather Group LLC. साथ ही Allen Media Group/Entertainment Studios फिल्मों का निर्माण करती है और एक दर्जन से अधिक टेलीविजन स्टेशनों के मालिक भी हैं।

मुकदमे का तर्क है कि McDonald ने 2019 में USA में टेलीविजन विज्ञापनों पर लगभग 1.6 बिलियन डॉलर खर्च किए थे और इसका केवल 0.31 प्रतिशत ही ब्लैक-स्वामित्व वाली मीडिया को मिला था। Byron ने बताया कि “यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अफ्रीकी अमेरिकी स्वामित्व वाले व्यवसायों के आर्थिक समावेश के बारे में है। McDonald अफ्रीकी अमेरिकी उपभोक्ताओं से अरबों लेता है और उन्हें उसका कुछ ही प्रतिशत देता है। अमेरिका में वाइट कॉर्पोरेट अमेरिकी और ब्लैक कॉर्पोरेट अमेरिकियों के बीच व्यापार घाटा है, और McDonald इस असमानता को बनाए रखने का दोषी है।”

McDonald के प्रवक्ता ने अमेरिका के Wall Street Journal को बताया कि वह मुकदमे की समीक्षा करेंगे। इससे पहले गुरुवार को, McDonald ने घोषणा की कि “वह अगले चार वर्षों में अश्वेतों, हिस्पैनिक्स, महिलाओं और अन्य कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के स्वामित्व वाली मीडिया कंपनियों को दिए जाने वाले विज्ञापन के पैसे से दोगुना से अधिक होगा। इस समयावधि में काले स्वामित्व वाली संपत्तियों के साथ खर्च राष्ट्रीय विज्ञापन खर्च के 2 प्रतिशत से बढ़कर 5 प्रतिशत हो जाएगा।“