Aspirants Review : लइका और लोटा जितना घिसाता है उतने चमकता है और ऑनलाइन के म्यूट क्लास में कौन घिसेगा ?

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Unacademy आपको प्रोवाइड कराएगी बेस्ट कोचिंग क्लासेज. Unacademy के पास हैं दुनिया के बेस्ट ट्यूटर्स. Unacademy UPSC के लिए देता है कम्प्लीट पैकेज। आप देख सकते हैं पुराने लेक्चर्स, आप डाउनलोड कर सकते हैं नोट्स, कमेंट सेक्शन में डाउट क्लियर कर सकते हैं। आप कहीं भी, कभी भी, किसी भी परिस्थिति में ले सकते हैं अपनी क्लासेज। Aspirant के पांचों एपिसोड में आपने देखा होगा Unacademy का फुल विज्ञापन। कहीं भी-कभी भी, कहीं-कहीं बिना मतलब के भी, हो सकता है Aspirant देख के हजारों लोग Unacademy की क्लासेज जॉइन भी कर लें। तगड़ा विज्ञापन हुआ है। असर पड़ सकता है।

क्या Aspirant सीरीज बन पाती अगर अभिलाष, एसके, धैर्या, गुरी, संदीप भैया ओल्ड राजिंदर नगर के किसी खड़ूस मकान मालिक को ना झेलकर अपने गांव, अपने शहर में बैठकर Unacademy के ऑनलाइन लेक्चर ले रहे होते। बाहर रहकर पढ़ना सिर्फ पढ़ना नहीं सिखाता है, घर से बहुत दूर पटना, दिल्ली, कोटा की तंग गलियों के अंधेरे कमरे में रहकर पढ़ने वाले सिर्फ पढ़ नहीं रहे होते हैं, वो अपने व्यक्तित्व को गढ़ रहे होते हैं। दिनभर किच-किच करते रहने वाले वालिया अंकल-वालिया आंटी, जिनका अपना मकान है, जिनका बेटा जापान में सेटल्ड है वो अपनी लाइफ में कितने अकेले हैं ये Unacademy नहीं बता पाएगा। हम ऑनलाइन लेक्चर लेकर कभी ये सीख नहीं पाएंगे कि लाइफ में क्या होती है पॉजिटिव एप्रोच। कैसे रियेक्ट करना होता है जब हमारा ही बेस्ट फ्रेंड हमारी एक्स से शादी कर रहा हो। क्या होते हैं लाइफ के फंडे. इन सबके लिए किसी धैर्या, किसी एस.के., किसी संदीप भैया को भी पढ़ना होता है।

छह फीट लम्बा, हट्टा-कट्ठा, सुंदर-सजीले फिलॉस्फर-से लगने वाले संदीप भैया जब अपनी आंखें भरकर कहते हैं ‘आर्थिक स्थिति ठीक ना है हमारी। अब बाप्पू की रोट्टी की फिकर करें कि कोचिंग क्लास लें’ तो लगता है यार किस ऑनलाइन लेक्चर से हम इस दर्द को महसूस कर पाएंगे! इसे जानने-समझने के लिए भी हमें मुसल्लहपुर हाट से लेकर मुखर्जी नगर, राजेन्द्र नगर से ओल्ड राजिंदर नगर की गलियों में रहना होगा, उस ज़िंदगी को जीना होगा। एक आईएएस बनने के लिए हमें इस स्थिति को भी समझना होगा कि बिहार के लोअर मिडिल क्लास श्वेतकेतु झा के पप्पा जब फोन करके प्लान बी के बारे में पूछते हैं तो उसे एंग्जायटी अटैक आ जाता है। इस सिचुएशन को हैंडल करना हमें Unacademy नहीं सिखा पाएगा।

Aspirant में हम सिर्फ यह मत देखें कि Unacademy का विज्ञापन है। हम ये भी समझने की कोशिश करें कि Unacademy क्या नहीं कर सकता है। चुनना हमें अपनी समझ से है। Unacademy भले एक स्मार्ट आईएएस बना दे लेकिन हम कभी दे नहीं पाएंगे किसी वालिया आंटी की आंखों में खुशी के आंसू, नहीं होंगे कभी हमारे पास गुरी, एसके जैसे ट्राइपॉड दोस्त, नहीं होगा कभी हमारे पास एक चश्मे का डिब्बा जिसपर Dahiya काटकर लिखा होगा Dhairya. समझ लीजिए विज्ञापन किसका किया गया है! Unacademy का कि Academics का..!

Aman-akash

✍️ अमन आकाश (Aman Akash) , बिहार
असिस्टेंट प्रोफेसर, पीएचडी रिसर्च स्कॉलर
साभार : Facebook