BPSC पेपर लीक कांड: SIT टीम को मिली बड़ी कामयाबी, सॉल्वर अमित सिंह गिरफ्तार

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PATNA : 8 मई को आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Test) के पेपर लीक (paper leak) मामले में एसआईटी टीम को बड़ी कामयाबी मिली है. स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने क्वेश्चन पेपर के सॉल्वर अमित कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने एक जगह बैठकर प्रश्नपत्र हल किया था.

बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) के पेपर मामले में जांच कर रही एसआईटी की टीम ने शनिवार को पटना के कदमकुआं इलाके में दबिश दी और लंगरटोली गली से सॉल्वर अमित कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया. रिपोर्ट के मुताबिक सॉल्वर अमित कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के मधेपुरा जिले का रहने वाला है.

गौरतलब है कि पेपर लीक मामले में ये नौवीं गिरफ्तारी है. अब तक कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें सरकारी अधिकारी भी शामिल है. लेकिन इन्हें अभी भी छोटी मछली ही कहा जा रहा है. एसआईटी टीम को भी फिलहाल इस मामले में जड़ तक पहुंचना बाकी है. ईओयू के मुताबिक, जांच में पता चला कि सॉल्वर अमित ने आनंद गौरव और अन्य अभियुक्तों के साथ एक जगह बैठकर प्रश्नपत्र हल (सॉल्व) किया था.

बताया जा रहा है कि बीपीएससी का लीक प्रश्नपत्र को सॉल्व करने के एवज में जो रुपये मिलने थे. उसमें अमित कुमार सिंह का भी हिस्सा था. अमित गिरोह के सरगना आनंद गौरव उर्फ पिंटू यादव का करीबी बताया जाता है. बीपीएससी के प्रश्न पत्र लीक होने से जुड़ी जानकारी इसके पास पहले से थी. वह पिंटू यादव के साथ मोबाइल से लगातार संपर्क में था.

एसआईटी के मुताबिक अमित कुमार सिंह इस खेल का माहिर खिलाड़ी है. वह विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र के लीक होने से संबंधित सूचना देकर कोचिंग के छात्रों को जाल में फंसाता था. परीक्षा से पहले लीक प्रश्न-पत्र और हल की गई उत्तर पुस्तिका पहुंचाने का प्रलोभन देकर अवैध राशि वसूलता था.

आपको बता दें कि आठ मई (रविवार) को बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (Combined Competitive Examination) का क्वेश्चन पेपर लीक हो गया था. इस शिकायत को लेकर एक कमिटी का गठन किया गया था. आयोग ने गठित जांच दल से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा था लेकिन महज कुछ ही घंटों में लीक प्रश्न पत्र मूल प्रश्न पत्र से मैच कर गया और परीक्षा रद्द कर दी गई.

बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (Combined Competitive Examination) के लिए 1083 केंद्र बनाये गए थे. राजधानी पटना में 83 सेंटर बनाये गए थे. बीपीएससी 67वीं में 802 पदों के लिए परीक्षा में 5 लाख 18 हजार परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे. जिसमें लड़कियों की संख्या भी डेढ़ लाख से अधिक है.

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 6 लाख दो हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था. एक पद के लिए लगभग 645 अभ्यर्थियों के बीच प्रतियोगिता हो रही है. सभी परीक्षा केन्द्रों पर ओएमआर और प्रश्न पहले ही भेज दिया गया था. सभी परीक्षा केन्द्रों पर धारा 144 लागू थी. परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी तरह की दुकान और भीड़ लगाने की अनुमति नहीं थी.