BPSC पेपर लीक कांड: आरा, पटना और नवादा में छापेमारी, DSP रैंक के अफसरों को सौंपा गया अलग-अलग टास्क

Share It

PATNA : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से आयोजित 67वीं प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Test) का प्रश्न पत्र लीक के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. एसआईटी की टीम ने अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पटना, आरा और नवादा में छापेमारी की. सूत्रों की मुताबिक ईओयू के एडीजी खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की प्रारंभिक परीक्षा का पेपर लीक करने में एसआईटी की टीम जल्द ही एक बड़ा खुलासा करेगी. कई और भी लोग एसआईटी की रडार पर हैं. तीन से चार संदिग्धों की तलाश में एसआईटी ने पटना, नवादा और भोजपुर में कई जगहों पर छापेमारी की गई. हालांकि टीम फिलहाल उन्हें दबोचने में असफल है.

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक की जांच के लिए गठित एसआईटी की कामकाज की समीक्षा मंगलवार को एडीजी ईओयू नैयर हसनैन खां ने की. इस दौरान एसआईटी में शामिल सभी अधिकारी मौजूद थे. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी में शामिल डीएसपी रैंक के सभी अधिकारियों को अलग-अलग बिंदुओं पर टास्क सौंपा गया है, उन्हें तथ्यों की पूरी पड़ताल करते हुए साक्ष्य इकह्वा करने के आदेश दिए गए हैं.

बताया जा रहा है कि पेपर लीक कांड में अब तक की जांच में एसआईटी के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं. प्रश्न पत्र लीक और उसे वायरल करने में जिन संदिग्धों की भूमिका सामने आई है. उनके द्वारा एक-दूसरे से संपर्क में रहने के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया था.

इसी के मद्देनजर एसआईटी ने सीआरपीसी के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए टेलिग्राम और गूगल डॉक्स से कई जानकारियां मांगी थीं. सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ जानकारियां एसआईटी को मिली हैं. आगे की जांच में ये जानकारियां काफी मददगार साबित होंगी. इन्हें साक्ष्य के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाएगा.

सीसीटीवी फुटेज से बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के दिन संदिग्धों की भूमिका की छानबीन की जाएगी. इसके अलावा जो पकड़े हैं और पूछताछ के दौरान उन्होंने घटना के दिन की जो गतिविधियां बताई है उसका सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया जाएगा. एसआईटी को इसमें भी कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगने की उम्मीद है.