शराब मामले में IPS आदित्य कुमार और थानेदार पर FIR, पूर्व SSP के ऊपर शराब माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

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GAYA : गया के तत्कालीन SSP आदित्य कुमार पर शराब तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगा है. पूर्व SSP आदित्य कुमार और फतेहपुर थाना के थानाध्यक्ष रहे संजय कुमार के खिलाफ फतेहपुर थाना में नामजद एफआईआर दर्ज की गई है.

जानकारी के अनुसार दो महीने तक SSP ने शराब तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी. जबकि एएसपी मनीष कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट में फतेहपुर थाना अध्यक्ष संजय कुमार पर शराब तस्करों को मदद करने की बात कही थी. साथ ही थानाध्यक्ष को निलंबित करने की अनुशंशा एसएसपी से की थी. इसपर एसएसपी आदित्य कुमार दो महीने तक मौन रहे.

पूर्व मगध रेंज के आईजी अमित लोढ़ा ने SSP आदित्य कुमार को इस मामले में फतेहपुर एसएचओ को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पुलिस मुख्यालय से पत्राचार किया था. इस बीच संजय कुमार को जीटी रोड के बाराचट्टी थाना भेज दिया गया. मामला जब तूल पकड़ा तो अवर निरीक्षक संजय कुमार को गया जिला बल से औरंगाबाद जिला बल स्थानांतरित कर दिया गया.

आईजी अमित लोढ़ा के आदेश पर औरंगाबाद एसपी कांतेश मिश्रा ने संजय कुमार को निलंबित कर पुलिस लाइन क्लोज कर दिया. वहीं, कई महीनों तक मामला दबा रहा. लेकिन यह मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संज्ञान में आने के बाद पुलिस हेडक्वार्टर के आदेश पर डीएसपी हेडक्वार्टर अंजनी कुमार द्वारा तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार और तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय कुमार के खिलाफ फतेहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पिछले साल आठ मार्च को फतेहपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने एक बाइक सवार को पकड़ा था. एक बोरा महुआ देसी शराब बरामद हुई थी. वहीं, 26 मार्च को शराब लोडेड एक सेंट्रो कार को जब्त किया गया था, लेकिन दोनों मामलों में फतेहपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने स्टेशन डायरी में सिर्फ सनहा दर्ज कर आरोपितों को छोड़ दिया था.

गया की एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि पुलिस हेडक्वार्टर के निर्देश पर डीएसपी हेडक्वार्टर की ओर से फतेहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए जब फतेहपुर थानाध्यक्ष राहुल रंजन से पूछा गया तो वे इस बारे में कुछ भी बताने में असमर्थता जताई.