मुंगेर के बाद Bhagalpur में दवा खाने से बच्चों की बिगड़ी तबीयत, गुस्साए लोगों ने शिक्षकों और ANM को पीटा

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BHAGALPUR : बिहार के भागलपुर (Bhagalpur) जिले से इस वक़्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. स्कूल में बच्चों को पेट का कीड़ा मारने की दवा दिए जाने के बाद अचानक 1 दर्जन से ज्यादा बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. कई बच्चे बेहोश तो कईयों को चक्कर की शिकायत होने लगी. इसके बाद आसपास के लोग जब स्कूल में पहुंचे तो उन्होंने जमकर बवाल काटा. इतना ही नहीं स्कूल के टीचर और ANM की पिटाई भी की गई.

घटना नाथनगर प्रखंड क्षेत्र के अजमैरिपुर बैरिया स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की है. मिली जानकारी के अनुसार, एल्बेंडाजोल टेबलेट खाने से करीब 1 दर्जन से ज्यादा बच्चे चक्कर खाकर बेहोश हो गए. वहीं गंभीर हालत में बच्चों को रेफरल अस्पताल नाथनगर में इलाज के लिए भेज दिया गया है. इधर आक्रोशित ग्रामीण जमकर हंगामा कर रहे हैं.

बच्चों के परिजनों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को जोंक की दवाई दी गई, जिससे कई बच्चे बेहोश हो गए हैं. वहीं विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि बच्चों को एल्बेंडाजोल दवाई खिलाई गई थी, जिससे अचानक सभी बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. कई परिजन अपने बच्चों को खुद से अस्पताल इलाज के लिए गए हैं.

इधर बच्चों की हालत बिगड़ते देख ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता चला गया और शिक्षकों की पिटाई कर दी गई. ग्रामीणों का आरोप है कि दवाई खाने के बाद जब बच्चे बीमार होने लगे कई शिक्षक विद्यालय छोड़कर भाग गए थे और समय पर एम्बुलेंस भी नहीं आई. घंटों बाद एम्बुलेंस आई जिसके बाद सभी बच्चों को नाथनगर के रेफरल अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है.

आक्रोशित ग्रामीणों ने एएनएम और शिक्षकों के साथ मारपीट भी की. सूचना पर नाथनगर इंस्पेक्टर मोहम्मद सज्जाद हुसैन, डीसीएलआर, अंचलाधिकारी स्मिता झा, बीडीओ अंतिमा कुमारी, नाथनगर प्रखंड प्रमुख दुर्गा दयाल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी विद्यालय पहुंचकर लोगों को समझने बुझाने में जुटे हैं. लेकिन लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है.

गौरतलब हो कि आज ही मुंगेर जिले में भी इसी तरह की वारदात सामने आई है. मुंगेर के बरीयारपुर प्रखंड के घोरघट गांव के मध्य विघालय घोरघट स्कूल में क्रीमी की दवा खाने से करीब 70 बेहोश हो गए हैं. फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है. मुंगेर में बच्चे खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं.

रिपोर्ट- दुर्गेश कुमार, भागलपुर