बिहार के इस ‘DM’ पर चलेगा मुकदमा, गलत तरीके से बांटा हथियार का लाइसेंस, सांसद के भाई और JDU नेता को दिया था Arms Licence

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PATNA : पांच लाख रुपये घूस लेकर हथियार का लाइसेंस देने के मामले में गुजरात कैडर के आईएएस अफसर के. राजेश (IAS Kankipati Rajesh) की गिरफ्तारी के बाद बिहार के भी एक सीनियर आईएएस अफसर पर शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है. राज्यपाल के प्रधान सचिव और सहरसा के जिलाधिकारी (DM) रहे IAS आरएल चोंग्थू (Robert Lalchungnunga Chongthu) के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति दे दी गई है.

क्या है मामला
1997 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अफसर रोबर्ट एल चोंग्थू के ऊपर आरोप है कि वर्ष 2004 में सहरसा के डीएम रहते इन्होंने गलत तरीके से बाहुबलियों और अन्य लोगों को हथियार का लाइसेंस उपलब्ध कराया. अपात्र लोगों को हथियार का लाइसेंस देने के मामले में मुकदमा चलाने के लिए आईएएस चोंग्थू के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति सक्षम प्राधिकार ने दे दी है. साल 2005 में सहरसा के सदर थाने में दर्ज मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है.

IAS के खिलाफ IPC की कई धाराओं में मामला
सरकार के संयुक्त सचिव कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक सहरसा जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी सह शसस्त्र अनुज्ञापन पदाधिकारी रोबर्ट एल चोंग्थू को अभियुक्त बनाते हुए उनके विरुद्ध आईपीसी (Indian penal code) की धारा 109, 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी और 30 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. अभियोजन स्वीकृति के लिए आदेश 27 अप्रैल, 2022 के माध्यम से प्राप्त हुआ है. इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू हुई.

जिले के बाहरी लोगों को दिया हथियार का लाइसेंस
बताया जा रहा है कि बिहार के सहरसा जिले में डीएम रहने के दौरान आरएल चोंग्थू ने 229 लोगों को हथियार का लाइसेंस दिया था. जांच के दौरान पाया गया कि जिनको हथियार का लाइसेंस दिया गया, उन लोगों का नाम-पता, पहचान कुछ भी सही नहीं था. इसके बाद 14 लोगों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. इनके ऊपर आरोप है कि इन्होंने नियम को ताक पर रखकर बाहरी जिले के लोगों को आर्म्स लाइसेंस निर्गत किया.

सात लोगों के खिलाफ मामला
आपको बता दें कि इस मामले में बिहार पुलिस ने फर्जी नाम- पता के आधार पर आर्म्स लाइसेंस पाए सात लोगों पर केस किया था. इसमें ओमप्रकाश तिवारी और उनकी पत्नी दुर्गावती देवी, हरिओम कुमार, अभिषेक त्रिपाठी, उदयशंकर तिवारी, राजेश और मधुप सिंह को अभियुक्त बनाया गया था. दूसरा आरोप पत्र 13 अप्रैल, 2006 को 14 आरोपियों पर दायर किया गया था. तब आरएल चोंग्थू और अभियुक्त अभिषेक त्रिपाठी को दोषमुक्त करार दिया गया. हालांकि 2009 में पुलिस ने दोबारा अनुसंधान की अनुमति मांगी थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार लिया था. सहरसा के सदर एसडीपीओ संतोष कुमार ने बताया कि अभियोजन की स्वीकृति के बाद कार्रवाई हो रही है.

बाहुबली सांसद के भाई को हथियार का लाइसेंस
लगभग डेढ़ दशक पहले 16 नवंबर 2007 को इंडिया टुडे में छपी वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, सहरसा के तत्कालीन डीएम आरएल चोंग्थू ने बाहुबली नेता और पूर्व सांसद सूरजभान के रिश्तेदार हरिओम कुमार को भी हथियार का लाइसेंस दिया था, जो सूरजभान के भाई लगते हैं. इस मामले में इनका भी नाम सामने आया था.

JDU नेता और पूर्व मेयर को दिया लाइसेंस
आईएएस रोबर्ट एल चोंग्थू ने भागलपुर के तत्कालीन मेयर और सीएम नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता दीपक भुवानियां उर्फ़ दीपू भुवानियां को भी हथियार का लाइसेंस दिया था. आपको बता दें कि अपने इलाके में बाहुबली माने जाने वाले दीपक भुवानिया एक समय गाड़ियों पर लाल बत्ती लगाकर घूमते थे, जो प्रशाशन की नाकामी को जगजाहिर करता था. दीपक उर्फ़ दीपू जेडीयू के प्रवक्ता के साथ-साथ जदयू प्रदेश व्यवसायिक प्रकोष्ठ कार्यकारिणी में सदस्य नियुक्त किये गए थे.

वारंट भी हुआ था जारी
आपको बता दें कि भागलपुर में कमिश्नर रहने के दौरान IAS R L Chongthu को अरेस्ट करने के लिए वारंट जारी किया गया था. सहरसा कोर्ट के तत्कालीन सीजेएम (Chief Judicial Magistrate) राजेंद्र चौधरी (Rajendra Choubey) ने आईएएस अफसर के विरुद्ध वारंट जारी किया था. बिना पुलिस वेरिफिकेशन किये हथियार का लाइसेंस देने के ही मामले में यह वारंट जारी किया गया था.

IAS RL Chongthu 1
IAS Robert L Chongthu, Principal Secretary

कई बड़े पदों की जिम्मेदारी
गौरतलब है कि आईएएस रोबर्ट एल चोंग्थू बिहार में कई बड़े पदों पर रहे हैं. 1997 बैच के आईएएस अफसर 2007 से 2014 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी थे. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और अल्पसंख्यक कल्याण एवं सामाजिक न्याय में तैनात किया गया था. 2014 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद इन्हें बिहार भागलपुर का कमिश्नर बनाया गया था.

पटना के कमिश्नर रहे
तीन साल तक भागलपुर कमिश्नर रहने के बाद रोबर्ट एल चोंग्थू को 2017 में शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया. फिर इन्हें अगले ही साल 2018 में पटना का कमिश्नर बनाया गया. वहां एक साल रहने के बाद नीतीश सरकार ने 2019 में इन्हें सारण का प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में पदस्थापित किया. आपको बता दें कि आईएएस की ट्रेनिंग पूरा होने के बाद इन्हें 1 अगस्त 1999 को बिहार के साहिबगंज का एसडीओ बनाया गया था. फिलहाल ये बिहार के राज्यपाल के प्रधान सचिव हैं.