Bihar : चौकीदार ने खरीदी ‘DM वाली’ कार, रिश्वत के पैसे से लग्जरी गाड़ी में करता है सवारी

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PATNA : बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं कि वह तीन C (Crime,Corruption और Communalism) से कभी समझौता नहीं कर सकते हैं. लेकिन सीएम की नाक के नीचे उनके ही अधिकारी और कर्मी पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. आए दिन भ्रष्ट अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की खबरें सामने आती रहती हैं. इसी बीच पटना से हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है. यहां एक चौकीदार ने ‘DM वाली’ कार खरीद ली. इस बात का पता जब सीनियर अधिकारियों को लगा तो हड़कंप मच गया. आइये हम आपको विस्तार से बताते हैं कि ये पूरा मामला आखिर है क्या…

बिहार की राजधानी पटना में माफियाओं के ट्रक को पास करवाने के बदले रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर एसएसपी ने कार्रवाई की. इस दौरान 6 पुलिसकर्मी सहित एक चौकीदार गिरफ्तार किए गए. जांच में पता चला कि घूसखोरी के पैसे से चौकीदार ने 18 लाख की स्कॉर्पियो गाड़ी खरीद ली. इतना ही नहीं उसके बैंक अकाउंट में भी लाखों रुपए जमा हैं.

दरअसल, पटना से सटे बिहटा थाना इलाके में बालू माफिया चोरी छिपे अवैध खनन करते हैं. कुछ पुलिसकर्मी इनके ट्रक को पास करवाने की बदले पैसे वसूली करते हैं. जिसको लेकर पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने एक टीम तैयार की और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की. इस कार्रवाई के दौरान राहुल नाम का एक चौकीदार, एक चालक सिपाही के साथ-साथ 4 गृह रक्षक को गिरफ्तार किया गया.

जांच पड़ताल में सामने आया कि चौकीदार राहुल ने हाल ही में 18 लाख का स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी थी, जिसकी जांच की गई तो यह पता चला यह पैसा उसके पास घूसखोरी से आया था. इतना ही नहीं उसके पंजाब नेशनल बैंक के खाते में 9 लाख 50 हजार जमा हैं. यह पैसा उसके पास घूसखोरी से कमाया हुआ है.

आपको बता दें कि बिहार सरकार ने मंत्रियों, हाईकोर्ट के जजों से लेकर डीएम-एसपी जैसे अधिकारियों के लिए सरकारी कार खरीद की अधिकतम सीमा तय की हुई है. किस रैंक के अधिकारी और सरकार के मंत्री किस प्रकार के और कितनी कीमत तक के वाहन में चढ़ सकेंगे इसका निर्धारण करने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रशासी पद वर्ग समिति गठित की थी और उसे अधिकारियों के रैंक के मुताबिक वाहन और वाहन की कीमत तय करने की जिम्मेदारी दी गई थी. प्रशासी पद वर्ग समिति ने इसका निर्धारण भी कर लिया.

कौन खरीद सकेगा कितने की गाड़ी, जानिए

  • मंत्री, हाईकोर्ट के जज व इनके समकक्ष: 25 लाख तक
  • अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव: 20 लाख तक
  • जिलाधिकारी व इनके समकक्ष: 18 लाख तक
  • जिला जज, एसपी व समकक्ष: 13 लाख तक
  • अन्य अफसर जिन्हें वाहन मान्य है: 11 लाख तक

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी की अनुशंसा के मुताबिक मंत्री, हाईकोर्ट के जज और इनके समकक्ष 25 लाख तक, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव 20 लाख तक, डीएम और इनके समकक्ष 18 लाख तक, जिला जज, एसपी और समकक्ष 13 लाख तक और अन्य अफसर जिन्हें वाहन मान्य है 11 लाख तक की गाड़ी खरीद सकते हैं.

ऐसे में एक चौकीदार द्वारा 18 लाख की गाड़ी खरीद लेने की बात जब सामने आई तो पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. क्योंकि बिहार सरकार द्वारा बनाये गए नियम के अनुसार, 18 लाख की गाड़ी डीएम और इनके समकक्ष के अधिकारी ही खरीद सकते हैं. एक चौकीदार द्वारा ‘डीएम वाली’ कार खरीदने के बाद यह साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिहार में भ्रष्टाचार किस हद तक चल रहा है.