Bihar: घूसखोर दारोगा को निगरानी ने किया गिरफ्तार, रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया

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JAHANABAD : बिहार (Bihar) के जहानाबाद जिले में राज्य निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Department Bihar) की टीम ने एक घूसखोर दारोगा (Sub-Inspector) को अरेस्ट (arrest) किया. जहानाबाद जिले के घोसी थाना में पदस्थापित दारोगा (SI) दस हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ.

बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जहानाबाद जिले के घोसी थाना में अवर निरीक्षक के पद पर पोस्टेड दारोगा उपेन्द्र प्रसाद मेहता को दस हजार रूपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि घोसी थाने के महमदपुर गांव निवासी और परिवादी मणिभूषण कुमार ने 25 अप्रैल को शिकायत दी थी कि मेहता द्वारा एक कांड में केस डायरी में मोबाइल का कॉल डिटेल अंकित करने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है. मणिभूषण की शिकायत के सत्यापन के क्रम में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगा जाना साबित हो गया.

विजिलेंस डीएसपी सुरेंद्र कुमार मौआर ने बताया कि घोसी थाना के महमदपुर गांव के मणिभूषण कुमार जिनका पड़ोसी के साथ विवाद था, जिसे लेकर घोसी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. उसी केस में कोर्ट द्वारा केस डायरी और मोबाइल डिटेल्स की मांग की गई थी, जिसे भेजने के लिए एएसआई द्वारा दस हजार रुपये रिश्वत की मांग की गयी थी.

उन्होंने आगे बताया कि शिकायत पटना के निगरानी विभाग में की गई थी.जिसके बाद मामले की खुफिया तरीके से जांच की गई तो शिकायत सच पाई गई. फिर निगरानी विभाग ने कार्रवाई करते हुए बुधवार की सुबह आरोपी एएसआई उपेंद्र प्रसाद मेहता को घुस की रकम लेते रंगे हाथ धर दबोचा. फिलहाल निगरानी की टीम उसे अपने साथ पटना ले आई है.

इधर, एसआई की करतूत को उजागर करने वाले मणिभूषण कुमार का कहना है कि दारोगा ने उसे और उसके परिवार को एक कथित झूठे केस में काम से ज्यादा परेशान कर उसके साथ आतंकवादियों की तरह सलूक कर रहा था. बार-बार घर पर रेड से लेकर कई प्रकार की प्रताड़ना कर रहा था. निगरानी के पास शिकायत करने के अलावा उसके पास कोई दूसरा चारा नहीं बचा था.