Bihar: एसपी ने महिला थानेदार को किया सस्पेंड, दूसरे थानाध्यक्ष भी कप्तान के रडार पर

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BHOJPUR : बिहार (Bihar) के भोजपुर जिले में थानेदारों को काम में लापरवाही बरतनी अब भारी पड़ सकती है. इसी पुलिस कप्तान ने एक महिला थानेदार को सस्पेंड कर दिया है. एसपी ने एक अन्य थानेदार और सर्किल इंस्पेक्टर को सात दिनों के अन्दर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है.

दरअसल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी विनय तिवारी की अध्यक्षता में क्राइम मीटिंग हुई. थानाध्यक्षों के द्वारा लंबित मामले में कार्रवाई नहीं करने पर एसपी ने चिंता जाहिर की है. एसपी सभी थाना को कहा कि लंबित मामले का निष्पादन जल्द किया जाए. नहीं तो थानाध्यक्ष के वेतन पर पहले रोक लगेगी. उसके बाद थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्रवाई की जाएंगी.

एसपी ने लापरवाही बरतने वाली उदवंतनगर थाना की थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी को सस्पेंड कर दिया. ज्योति कुमारी पर कई गंभीर आरोप लगे थे, जिसको लेकर उन्हें निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, उदवंतनगर थाना कांड संख्या 154/ 22 धारा 366 ए आईपीसी की समीक्षा की गई. समीक्षा के क्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि घटना 13 अप्रैल की है. कांड के पीड़ित पक्ष 14 अप्रैल को थाना पर गए. लेकिन थाना अध्यक्ष ज्योति कुमारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई.

थानाध्यक्ष का कार्य संदिग्ध आचरण कांड के न्यूनीकरण और लापरवाही का पाया गया. दूसरा मामला 30 अप्रैल 2022 का है, जिसमें जैतपुर गांव में दो पक्षों के बीच फायरिंग की घटना हुई थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था. जिसमें एक व्यक्ति को छत पर राइफल लेकर दिखाया गया था. इस मामले में भी एक की गिरफ्तारी नहीं की गई. जबकि वारदात में आम जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

एसपी ने बताया कि आर्म्स एक्ट के मुख्य आरोपी संजय सिंह पिता कृष्णा सिंह को गिरफ्तारी के लिए थानाध्यक्ष को बार-बार कहने के बावजूद भी गिरफ्तारी नहीं की गई. मासिक अपराध निवारण गोष्टी के क्रम में सर्वप्रथम कांडों के प्रभार सौंपने के लिए लंबित कांडों पर चिंता व्यक्त की गई और उपस्थित सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि रविवार की शाम तक जिला के अंदर कार्यरत पदस्थापित पदाधिकारियों से कांड का प्रभार प्राप्त कर अवगत कराएंगे.

आपको बता दें कि लंबित वारंट के निष्पादन के लिए अभियान चलाया जा रहा है. थानों में लंबित वारंटों के निष्पादन के लिए एक पदाधिकारी पुलिस कार्यालय में कार्यरत अभियोजन शाखा में भेजेंगे. प्रभारी अभियोजन शाखा को निर्देशित किया जाए कि वे प्रत्येक थाना/ ओपी के लिए अलग-अलग वारंट/ कुर्की का पंजीकरण संधारित करेंगे.