Bihar: 31 स्कूलों के हेडमास्टर पर कार्रवाई, सरकार ने किया सस्पेंड

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ARARIA : बिहार (Bihar) में सरकार ने 31 स्कूल के हेडमास्टरों पर बड़ी कार्रवाई की है. इनमें से चार को सस्पेंड कर दिया गया है. बाकियों पर जल्द ही गाज गिर सकती है. इसके अलावा 15 स्कूल ऐसे भी हैं जिनका निबंधन रद्द हो सकता है. यह कार्रवाई मैट्रिक परीक्षा के फॉर्म भरने में फर्जीवाड़ा करने वाले हेडमास्टरों पर हुई है.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, अररिया जिले में मैट्रिक परीक्षा के फॉर्म भरने में फर्जीवाड़ा करने वाले 31 स्कूल हेडमास्टरों पर जल्द ही गाज गिरेगी. निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है. कई वित्त रहित स्कूलों का निबंधन तक समाप्त हो सकता है. बिहार बोर्ड के निर्देश पर शिक्षा विभाग इन सभी 31 स्कूल हेडमास्टरों की कुंडली कार्रवाई के लिए तैयार कर चुकी है, जो जल्द ही निदेशालय भेजा जाएगा. इसके बाद इनपर कार्रवाई की जाएगी.

कार्रवाई की भनक कुछ स्कूल हेडमास्टरों को लग गई है, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. यह खेल सिर्फ 31 विद्यालयों में नहीं चलता, बल्कि अन्य स्कूलों में भी हो सकता है. इसकी भी जांच की जा रही है, लेकिन शिक्षा विभाग में जांच और शो-कॉज चलता रहता है. जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने बताया कि अनियमितता के आरोप में सभी 31 स्कूल हेडमास्टरों पर गड़बड़ी पाते हुए आरोप गठन किया गया है. चार को निलंबित किया गया है.

दरअसल, मैट्रिक परीक्षा फॉर्म भरने में फर्जीवाड़ा करने वाले 15 वित्त रहित स्कूलों पर कार्रवाई के लिए डीईओ ने बोर्ड को लिखा है. सबसे ज्यादा अनुदानित स्कूलों में ही यह गड़बड़ी हुई है. कुल 31 स्कूलों में 15 स्कूल अनुदानित हैं.

दाउदनगर के बाबू अमौना कमला प्रसाद सिंह उच्च विद्यालय, गोह के उच्च विद्यालय बनतारा आंधी बिगहा, युगल किशोर सिंह उच्च विद्यालय पोईवां, कन्या उच्च विद्यालय जाखिम, एसडी उच्च विद्यालय मुरादपुर ओबरा, उच्च विद्यालय धेवही खैरादीप दाउदनगर, कन्या उच्च विद्यालय भदवा, महात्मा गांधी उच्च विद्यालय बड़वां बसंतपुर, श्रीकृष्ण उच्च विद्यालय गोरडीहा हसपुरा, बृजमोहन उच्च विद्यालय चेईं, मुद्रिका उच्च विद्यालय बिजोई, रामरछेया उच्च विद्यालय बगैया, जय प्रकाश उच्च विद्यालय लूका गढ़ रफीगंज, बनवारी जनता उच्च विद्यालय केरा, महंथ सुग्रीव भारती उच्च विद्यालय धुंधवा नवीनगर व महाराणा प्रताप उच्च विद्यालय बेलसारा देव वित्त रहित स्कूल शामिल हैं.

जबकि नियमित स्कूलों में उच्च विद्यालय चरण महदेवा, उच्च विद्यालय कुटुम्बा, विष्णुपुर देव, उच्च विद्यालय बेरी, उच्च विद्यालय डुमरी, उच्च विद्यालय देव, अरई, उच्चक्रमित उच्च विद्यालय बेला देव, फेसरा, उच्च विद्यालय सरावक, वरूणा, नीमा चतुर्भूज, कुसमा बसडीहा व शिवनपुर माधे शामिल हैं.

आपको बता दें कि नियम के अनुसार जिस अभ्यर्थी का रजिस्ट्रेशन स्कूल करता है. उसी का परीक्षा फॉर्म भरा जाता है, लेकिन हेडमास्टर ने रजिस्ट्रेशन किसी और के नाम पर और फॉर्म किसी और के नाम पर भर दिया. यानी फर्जी अभ्यर्थी का रजिस्ट्रेशन कर सीट बुक कर दिया, फिर मोटी रकम लेकर परीक्षा फॉर्म उसी सीट पर भरा. बोर्ड की जांच में यह सब पकड़ा गया. इसके साथ-साथ अभ्यर्थी के नाम और पिता के नाम में भी गलती की जिसके कारण विभाग ने उन्हें पकड़ा.

सूत्रों की मानें तो यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन पकड़ में नहीं आ रहा था. इसके बाद जिले के 31 स्कूल हेडमास्टरों पर कार्रवाई करने का निर्देश डीईओ को भेजा है. परीक्षा नियंत्रक माध्यमिक निदेशालय से यह निर्देश दिया गया है. डीईओ संग्राम सिंह ने इसकी गंभीरता को समझते ही आनन-फानन में बोर्ड के आदेश आने से पहले ही अपनी नाक बचाने के लिए चार नियमित स्कूल हेडमास्टरों को निलंबित कर दिया.

DEO ने बताया कि बोर्ड ने जो जानकारी मांगी थी. उससे ही शिक्षा विभाग हरकत में आ गया था. उत्क्रमित उच्च विद्यालय सरावक, उच्च विद्यालय वरूणा, निमा चतुर्भूज और कुटुम्बा के कुसमा बसडीहा के स्कूल हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है. जबकि सात स्कूल हेडमास्टर जिला परिषद नियोजन इकाई के हैं. जहां उनपर कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा गया है. इसके अलावे 15 अनुदानित स्कूलों के लिस्ट बोर्ड को भेजा गया है.