Bihar : केंद्रीय मंत्री ने कोर्ट में किया सरेंडर, इस मामले में जमानत पर थे बाहर

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ARA : बिहार (Bihar) के आरा लोकसभा सीट से सांसद और मोदी कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे राजकुमार सिंह उर्फ़ आरके सिंह (RK Singh) ने सोमवार को आरा सिविल कोर्ट (Civil Court) में सरेंडर (Surrender) किया. बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे आरके सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला चल रहा है. इसी मामले में बेल टूटने के बाद सेंट्रल मिनिस्टर को कोर्ट में आत्मसमर्पण करना पड़ा.

सोमवार को आरा कोर्ट में सरेंडर करने के बाद केंद्रीय मंत्री और आरा सांसद आरके सिंह को पांच हजार की जमानत राशि पर उनकी बेल भी मंजूर कर ली गई. आपको बता दें कि 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान धारा 144 के उल्लंघन के मामले में उनके खिलाफ धारा 188 के तहत केस दर्ज किया गया था. आरके सिंह का केस देख रहे वकील (Advocate) अभिमन्यु सिंह के निधन के बाद बीते 4 अप्रैल को बेल कैंसिल हो गई थी.

जमानत रद्द होने के बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर जमानत का आग्रह किया. इसपर कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर दी. आरके सिंह पहले से ही इस मामले में जमानत पर चल रहे थे.

गौरतलब है कि इससे पहले आरा सिविल कोर्ट में अगिआंव सीट से माले के विधायक मनोज मज़िल (MLA Manoj Manzil) ने भी शुक्रवार को आरा व्यवहार न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष आत्मसमर्पण किया था. हालांकि कोर्ट ने उन्हें भी जमानत भी दे दी. बताया जा रहा है कि ADJ – 3 के कोर्ट में भाकपा माले विधायक मनोज मंजिल ने STR 72/14 और STR 123/19 के केस में बेल टूटने के बाद कोर्ट में आज सरेंडर किया था.

माले विधायक मनोज मंजिल के अधिवक्ता कामेश्वर सिंह और अमित कुमार बंटी ने ट्रेंडिंग बिहार को बताया कि “दो दिन पहले विधायक की जमानत रद्द की गई थी. सरकारी काम में बाधा पहुंचाने को लेकर सहार प्रखंड के अंचल पदाधिकारी के द्वारा मामला दर्ज कराया गया था.” इसके अतिरिक्त विधायक का नाम एक मर्डर केस में भी है.

इन दोनों ही मामले में कोर्ट ने 25 हजार रुपये की जमानत राशि पर बेल मंजूर कर लिया है. एमएलए मनोज मंजिल के वकील ने आगे बताया कि ” तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने डेट पर अनुपस्थित रहने के कारण विधायक की जमानत रद्द की थी. कोर्ट तीन बार डेट तय होने के बावजूद आरोपितों के हाजिर नहीं होने से नाराज था. माले विधायक ने धारा 317 काम के कारण अनुपस्थित रहने का आदेश मांगा था लेकिन कोर्ट ने 6 अप्रैल को विधायक के आवेदन को अस्वीकृत करते हुए जमानत को निरस्त करने का आदेश दिया था.”