Bihar प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारी बर्खास्त, घूसखोरी और चोरी मामले में नीतीश सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

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PATNA : बिहार प्रशासनिक सेवा (Bihar Administrative Service) के तीन अफसरों पर बड़ी कार्रवाई की गई है. रिश्वतखोरी और सरकारी धन के गबन मामले में नीतीश सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए इन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. आरा, दरभंगा और गया जिले के एक-एक सरकारी असफरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिन्हें सरकार ने पहले ही निलंबित (Suspend) कर दिया था.

बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने अफसरों की बर्खास्ती की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि बिहार प्रशासनिक सेवा के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. पीरो, भोजपुर के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता प्रभाष कुमार और शेरघाटी-गया के तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता रमेश प्रसाद दिवाकर को बर्खास्त किया गया है.

इनके अलावा दरभंगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार झा को बर्खास्त करने का फैसला किया गया है. आपको बता दें कि दरभंगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रहे डॉ. सुधीर कुमार झा को दरभंगा के डीईओ की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई थी. इन्होंने साल 2016 में सेवानिवृत हो रहे डीईओ दीप नारायण यादव की जगह ली थी. इससे पहले डॉ. सुधीर 10 अक्टूबर 2014 से दरभंगा में डीपीओ के पद पर कार्यरत थे.

रांची यूनिवर्सिटी से संस्कृत में एमए करने वाले डॉ. सुधीर कुमार झा ने कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत यूनिवर्सिटी से व्याकरण, साहित्य और वेद में आचार्य की डिग्री हासिल की है. राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली से पीएचडी की उपाधि ली है. दरभंगा में पोस्टिंग के दौरान इनके ऊपर 60 लाख रुपये के गबन का आरोप है. जिला शिक्षा कार्यालय के लेखा एवं योजना शाखा के 60 लाख रुपये गबन मामले में इनके खिलाफ सरकार ने एक्शन लिया और इन्हें बर्खास्त कर दिया.

गौरतलब है कि तत्कालीन लेखा एवं योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सह प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार झा इसी मामले में निलंबन एवं अन्य कारवाई झेल रहे थे. लेकिन अब सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए इनकी सरकारी नौकरी खत्म कर दी है.

इसी तरह बिहार के भोजपुर जिले में पीरो प्रखंड के भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) रहे प्रभाष कुमार को भी सरकार ने बर्खास्त कर दिया. इन्हें 5 साल पहले निगरानी विभाग की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. जानकारी के मुताबिक प्रभाष कुमार भोजपुर जिले के सिकरहटा निवासी और जदयू के पंचायत अध्यक्ष धनंजय प्रसाद से 20 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर ले रहे थे. तभी निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें धर दबोचा था.

बाद में यह बात सामने आई थी कि डीसीएलआर प्रभाष कुमार सिकरहटा में जिला परिषद की जमीन पर अवैध कब्जे को हटवाने के एवज में 50 हजार रुपये घूस मांग रहे थे और इसको लेकर पहली किस्त के रूप में वे 14 जून 2017 को 20 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर ले रहे थे. इसी दौरान निगरानी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में उनसे पूछताछ के बाद कार्रवाई की गई और सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था.