Vijay Kumar Saxena बने Delhi के नए उपराज्यपाल, जानिये इनके बारे में

Share It

DESK: खादी को ब्रांड बनाने वाले विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली (Delhi) का नया उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) बनाया गया है. उपराज्यपाल एक संवैधानिक प्रमुख होते हैं, उपराज्यपाल सिर्फ केंद्र शासित राज्यों में होते हैं. जबकि राज्यों में राज्यपाल होते हैं. राज्य में केंद्र के प्रतिनिधि के रूप में राज्यपाल की नियुक्ति की जाती है. वहीं, केंद्रशासित प्रदेशों में उपराज्यपाल के रूप में केंद्र के प्रतिनिधि के रूप में नियुक्ति की जाती है.

भारत में अभी 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं. केंद्रशासित प्रदेशों में जम्मू और कश्मीर, पुड्डुचेरी और दिल्ली में भी विधानसभा की व्यवस्था की गई है. इन राज्यों उपराज्यपाल की नियुक्ति हैं, जबकि बाकी के केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासक की नियुक्ति की जाती है.

दिल्ली के उप-राज्यपाल के तौर पर अनिल बैजल ने हाल ही में निजी कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद राजधानी के नए उप-राज्यपाल के नाम पर अटकले लगाई जा रही थीं. जिन पर अब विराम लग चुका है. दिल्ली में अब विनय कुमार सक्सेना उप-राज्यपाल होंगे. सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनिल बैजल का इस्तीफा स्वीकर कर लिया और विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली का नया उप-राज्यपाल नियुक्त किया है.

23 मार्च, 1958 को जन्मे विनय कुमार सक्सेना कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और कुछ समय पहले तक वो खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष थे. विनय कुमार सक्सेना के पास पायलट का लाइसेंस भी है.

विनय कुमार सक्सेना ने जेके ग्रुप के साथ राजस्थान में एक सहायक अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया था. व्हाइट सीमेंट प्लांट के साथ 11 साल काम करने के बाद, उन्हें 1995 में गुजरात में प्रस्तावित बंदरगाह परियोजना की देखभाल के लिए महाप्रबंधक के रूप में प्रमोट किया गया था. इसके बाद वह तेजी से सीईओ बने और बाद में धोलर पोर्ट प्रोजेक्ट के निदेशक के रूप में प्रमोट हुए.

अक्टूबर 2015 में केवीआईसी (KVIC) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने के बाद, विनय सक्सेना ने खादी और ग्रामोद्योग को नए रूप में ढालने की पूरी कोशिश की और ‘हनी मिशन’, ‘कुम्हार सशक्तिकरण योजना’, ‘चमड़े के कारीगरों के सशक्तिकरण’ जैसी कई नवीन योजनाओं और उत्पादों की शुरुआत की. जिसमें खादी प्राकृत पेंट, परियोजना आरई-एचएबी, खादी कपड़े के जूते और प्लास्टिक-मिश्रित हस्तनिर्मित कागज, आदि भी शामिल हैं.

विनय कुमार सक्सेना के कार्यकाल में खादी के कारोबार में 248% की बढ़ोतरी हुई. उन्होंने केवल 7 सालों में 40 लाख नए रोजगार दिए. सक्सेना के कार्यकाल के दौरान साल 2021-22 में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने 1.15 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया था. उन्‍होंने खादी को ब्रांड बनाने के लिए कई मार्केटिंग कैंपेन किए। रेमंड, अरविंद, एबीआरएफएल, निफ्ट, ग्लोबस आदि के साथ समझौता भी किया.

वहीं बीते साल (2021) मार्च में, सरकार ने विनय सक्सेना को भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय समिति के सदस्यों में से एक के रूप में नियुक्त किया. इस समिति का नेतृत्व प्रधान मंत्री करते हैं और इसमें पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व प्रधान मंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य सदस्य शामिल होते हैं.