Juhi Chawla को फटकार के साथ 20 लाख का जुर्माना

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अभिनेत्री जूही चावला मेहता ने 5G टेलीकॉम तकनीक से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर दिल्ली उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। इस याचिका पर सुनवाई 2 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान लगातार कोई जूही चावला (Juhi Chawla) के फिल्मों के गाने गाए रहा था। इस वजह से सुनवाई बाधित हो रही थी।

4 जून को इस मामले पर वापस सुनवाई हुई थी और उनकी दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया गया है। अदालत ने जूही की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में मोबाइल फोन की 5 जी तकनीक को लेकर दायर की गयी याचिका को खारिज करते हुए उन पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

जस्टिस जेआर मिधा (J.R. Midha) की अदालत में 4 जून को इस मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत की तरफ से कहा गया कि सेक्शन 81 के तहत आवेदन देने के लिए नोटिस जरूरी है। इसलिए सेक्शन 82 के तहत यह याचिका खारिज की जाती है। कोर्ट ने कहा कि याचिका पब्लिसिटी के लिए दाखिल की गयी थी।

अभिनेत्री ने 2 जून को होने वाली सुनवाई का लिंक अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। अदालत ने लिंक शेयर करने को लेकर भी अभिनेत्री को फटकार लगायी है। साथ ही अदालत ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि सुनवाई के दौरान गाना गाने वाले को तलाश कर कार्रवाई करें।

बता दें, इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने देश में 5G वायरलेस नेटवर्क स्थापित करने के खिलाफ जूही चावला के मुकदमे को 2 जून को “दोषपूर्ण” करार दिया था और कहा था कि यह मुकदमा मीडिया प्रचार के लिए दायर किया गया है। न्यायालय ने जूही के सरकार को प्रतिवेदन दिये बिना 5G वायरलेस नेटवर्क तकनीक को चुनौती देने के लिए सीधे अदालत आने पर भी सवाल उठाये थे।

जस्टिस जे.आर मिधा ने कहा कि जूही चावला और दो अन्य लोगों को पहले अपने अधिकारों के लिए सरकार से संपर्क करने की आवश्यकता थी और यदि वहां इंकार किया जाता, तब उन्हें अदालत में आना चाहिए था।

आपको बता दें, जूही चावला द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया था कि इन 5G वायरलेस प्रौद्योगिकी योजनाओं से मनुष्यों पर गंभीर, अपरिवर्तनीय प्रभाव और पृथ्वी के सभी पारिस्थितिक तंत्रों को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा है। जूही चावला, वीरेश मलिक और टीना वचानी ने याचिका दायर कर कहा था कि यदि दूरसंचार उद्योग की 5G संबंधी योजनाएं पूरी होती हैं तो पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति, कोई जानवर, कोई पक्षी, कोई कीट और कोई भी पौधा इसके प्रतिकूल प्रभाव से नहीं बच सकेगा।

वही जूही चावला ने अपने मुकदमे के बारे में बात करते हुए कहा कि यह एक गलत धारणा है कि उनका मुकदमा तकनीक के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हवा को साफ करने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रौद्योगिकी से जुड़े सभी डेटा को सार्वजनिक करना चाहिए।