Retail inflation : महंगाई की मार अब 1.96 प्रतिशत और, अब खुदरा महंगाई खाने लगी सारा कमाई

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भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई (retail inflation) छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। खाने का सामान मंहगा होने से खुदरा महंगाई मई महीने में उछलकर 6.3 प्रतिशत पहुंच गयी। यह महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊंची है।

सोमवार को जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई अप्रैल में 4.23 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़े के अनुसार खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर मई में 5.01 प्रतिशत रही। यह पिछले महीने के 1.96 प्रतिशत से कहीं अधिक है। मांस, मछली, अंडों और तेल जैसे उत्पादों की कीमतों में बढ़ोत्तरी से यह महंगाई बढ़ी है।

  • सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में बढ़ोत्तरी करने से ईंधन बिल 11.6 फीसद बढ़ गया।
  • महामारी की दूसरी लहर के दौरान हेल्थ, ट्रांसपोर्ट और पर्सनल केयर की कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण सर्विसेज इंफ्लेशन में भी अच्छी-खासी तेजी आई है।
  • थोक मूल्य पर आधारित महंगाई दर मई में 12.94 फीसद के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई।
  • क्रूड ऑयल और विनिर्मित वस्तुओं (मैन्युफैक्चरिंग गुड्स) की कीमतों में उछाल से थोक मुद्रास्फीति में यह उछाल देखने को मिला।
  • लो बेस इफेक्ट की वजह से भी मई, 2021 में WPI Inflation में यह रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली।

मई लगातार पांचवां महीना रहा, जब थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित मुद्रास्फीति में बढ़त देखे को मिली।