reBreather : कम होगी ऑक्सीजन की बर्बादी, होगा साँस में से निकली ऑक्सीजन का पुन: उपयोग

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Indian Institute of Technology-Bombay (IIT-B) के पूर्व छात्रों और शोधकर्ताओं की एक टीम ने साँस में से निकली ऑक्सीजन का पुन: उपयोग करने और COVID-19 रोगियों के लिए O2 सिलेंडर के जीवनकाल को बढ़ाने के लिए एक अनूठा तरीका निकाला है। दरअसल, इस टीम ने एक ब्रीथिंग डिवाइस बनाया है जो ऑक्सीजन की बर्बादी को कम कर सकता है, जब एक कोविड -19 रोगी को वेंटिलेटर जैसे सहायक श्वास समर्थन पर रखा जाता है।

देश में बढ़ते COVID-19 मामलों के कारण मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के बीच, टीम ने ‘reBreather’ नामक एक ब्रीथिंग डिवाइस का प्रोटोटाइप तैयार किया है। यह सेमी-क्लोज्ड सर्कुलर ब्रीथिंग सिस्टम, कोरोनावायरस रोगियों को unused exhaled oxygen में सांस लेने की अनुमति देगा। यह डिवाइस ऐसे समय में ऑक्सीजन की बर्बादी को कम करने में भी मदद करेगा जब इसकी भारी मांग है और अस्पताल गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं।

इस प्रोटोटाइप को Tata Centre for Technology and Design, केमिकल इंजीनियरिंग विभाग और Nex Robotics से संबद्ध स्टाफ्स, छात्रों और पूर्व छात्रों द्वारा डिज़ाइन किया गया है। IIT-B के शोधकर्ताओं ने ऑक्सीजन की बर्बादी को कम करने के लिए ‘reBreather’ बनाने के लिए सांस लेने वाले उपकरणों की एक कांसेप्ट का उपयोग किया है, जिसका उपयोग आमतौर पर डाइविंग में किया जाता है।

reBreather एक इनलेट सेक्शन वाला एक सर्कुलर ब्रीथिंग सिस्टम है जो अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर या सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम से ताजा ऑक्सीजन पंप करता है। इसमें फ्लो मीटर के साथ सिलेंडर पर ऑक्सीजन फ्लो रेट निर्धारित की गयी है। इसमें डिजायरड ऑक्सीजन फ्लो रेट के आधार पर बाहरी हवा को ऑटोमेटिकली खींचने की अनुमति देने के लिए इनपुट पर एक अडजस्टेबल वेंटुरी वाल्व दिया गया है।