Ram Nath Kovind : लल्ला चलें अपने गांव, महामहिम के आने के खबर मिलते ही बदली गांव की काया

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भारत के प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) आज, 25 जून को अपनी पत्नी के साथ सफदरजंग (Safdarjanj) रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर में अपने पैतृक निवास स्थान के लिए एक विशेष ट्रेन में सवार हुए। राष्ट्रपति के साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सुनीत शर्मा (Sunita Sharma) भी मौजूद थे।

राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है, जब वे अपने जन्मस्थान जाएंगे। राष्ट्रपति 27 जून को उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित अपने जन्मस्थान परौंख गांव पहुँचेंगे।

राष्ट्रपति के स्वागत की तैयारी कानपुर स्थित उनके गांव में जोरो पर है। पूरे गांव का महज 10 दिनों में काया कल्प हो गया है। राष्ट्रपति के स्वागत में स्थानीय प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है। गांव वाले खुश हैं कि लल्ला (राष्ट्रपति कोविंद) के आने से उनके गांव का भी उद्धार हो रहा है। गली मोहल्लों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राष्ट्रपति जिस स्टेशन पर रुकने वाले हैं उस स्टेशन की भी रंगाई-पोताई करा कर तैयार किया गया है। राष्ट्रपति झींझक स्टेशन पर रुक कर अपने परिवार के सदस्यों और क्षेत्रीय लोगों से मुलाकात करेंगे।

राष्ट्रपति के आने की खबर मिलते ही प्रशासन जुट गई गांव की हालत दुरुस्त करने में

राष्ट्रपति के आने की खबर सुनते ही प्रशासन गांव के सभी हिस्सों को दुरुस्त करने में जुट गई। आस पास के इलाकों के सफाई कर्मचारियों को भी महामहिम के गांव में सफाई के लिए लगा दिया गया है। परौंख के पथराई देवी मंदिर में टाइल्स और पत्थर लगाकर इसे चमकाया जा रहा है। मंदिर के सामने पड़ी जगह पर इंटरलॉकिंग का काम पूरा कराने के लिए ठेकेदार ने 45 मजदूरों को लगा रखा है। वहीं, दूसरी तरफ अंबेडकर पार्क और इंटरलॉकिंग सड़क बनाने के लिए भी जरूरत से चार गुना ज्यादा मजदूर लगाकर 24 घंटे में दो शिफ्ट में काम कराया जा रहा है। अफसरों ने भी गांव में डेरा डाल दिया है। राष्ट्रपति के आने से पहले उन्हें हर हाल में यह काम पूरा करना है । गांव के सारे नाले-नालियां , सड़क सब की साफ-सफाई कर दी गयी है। जहाँ महीनों तक कोई झांकने नहीं आता था उस जगह पर अब दिन में दो बार झाडू लग रही है।

जगह-जगह लगी स्ट्रीट लाइट स्टेशन का भी हुआ काया कल्प

गांव में आनन फानन में खंबे लगा कर स्ट्रीट लाइट लगाई गई। अब गांव रात में भी जगमगायेगा। राष्ट्रपति के आने की सूचना मिलने के बाद से सालों से खंडहर पड़े झींझक और रूरा रेलवे स्टेशन के भी दिन फिर गए। स्टेशन की मरम्मत के साथ ही रंगाई-पुताई, पंखे, ट्यूबलाइट समेत एक-एक चीज को सुधार दिया गया है। जिसके लिए सालों यात्रियों को संघर्ष करना पड़ रहा था।