PM Modi को इस फेरबदल की जरूरत क्यों पड़ी ?

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प्रधानमंत्री के मंत्रीमंडल के विस्तार की ख़बरों के बिच ये तो पता था की फेर बदल होगा नए चेहरे भी आएंगे। लेकिन ऐसे फ़ेरबदल की उम्मीद नहीं की गयी थी। मंत्रीमंडल का विस्तार करते हुए 6 जुलाई को एक और मंत्री मंडल का गठन किया गया। लेकिन 7 जुलाई की शाम चश्में पर लगी धूल साफ़ हुई और 53 कैबिनेट सदस्यों की जगह 77 कैबिनेट सदस्यों को जगह दी गयी है। इसके साथ ही 12 कैबिनेट सदस्यों को छुट्टी पर वीजा गया है। कैबिनेट सदस्यों के इस फेरबदल और विस्तार से अन्य राज्यों में होने वाले आगामी चुनाव पर क्या असर पड़ेगा जानते हैं।

पीएम मोदी (PM Modi) के अलावा अब केंद्रीय कैबिनेट में 77 मंत्री हैं। विस्तार से पहले कैबिनेट के कुल सदस्यों की संख्या 53 थी। इन 53 सदस्यों में से 12 मंत्रीयों को छुट्टी दे दी गयी है जिसके बाद अब कुल 41 सदस्य बचे हैं। कैबिनेट के इस फेरबदल में 7 सदस्यों को प्रमोशन भी दिया गया। जिन्हें राज्य मंत्री के पद से प्रमोट कर उच्चे पद पर नियुक्त किया गया और कैबिनेट मिनिस्टर बनाया गया। साथ ही जिनके पास 1 से ज्यादा मिनिस्ट्री थी उसको भी बांटा गया है। नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की टीम से 12 मेंबर्स को छुट्टी दी गयी तो 3 गुना यानि की 36 नए चेहरों को भी टीम में शामिल किया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ गोबिंद (Ramnath Kovind) ने 7 जुलाई की रात कुल 43 सदस्यों को शपथ दिलाया। ये शपथग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में कराया गया। मोदी की नई टीम के नए चेहरों में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) , सर्बानंद सोनवाल, नारायण राणे, डॉ. वीरेंद्र कुमार जैसे मंत्री शामिल है।

कैबिनेट मंत्रियों के तौर पर कुल 15 मंत्रीयों को शपथ दिलाई गयी जिसमें 13 सदस्यों ने हिंदी में जबकि 2 ने अंग्रेजी में शपथ लिया। सबसे पहले कैबिनेट मिनिस्टर के रूप में शपथ लेने वालों की लिस्ट में सबसे ऊपर राज्यसभा सांसद और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे का नाम है।
नारायण राणे (Narayan Rane) को ‘लघु एवं मध्यम उद्योग मिनिस्ट्री’ सौंपी गयी है। इसके बाद असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शपथ ली। सोनोवाल पहले भी मोदी सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। इन्हें अब ‘बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग और आयुष मंत्रालय’ की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ दिलाया गया। सिंधिया को ‘नागरिक उड्डयन मंत्रालय’ सौंपा गया है।

इसके बाद टीकमगढ़ से लोकसभा सांसद वीरेंद्र कुमार (Virendra Kumar) , ओडिशा से राज्य सभा सांसद अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw), बिहार से JDU के नेता रामचंद्र प्रसाद सिंह, हाजीपुर से सांसद रहे पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) को कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ दिलाया गया।

किरेन रिजिजू, राज कुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, पुरुषोत्तम रूपाला, जी किशन रेड्डी और अनुराग ठाकुर, इन 7 राज्य मंत्रीयों को प्रमोट करते हुए कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गयी। वहीं लंबे समय से भाजपा में संगठन का काम देखते आ रहे भूपेंद्र यादव को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है।

जिन 12 मंत्रियों ने इस्तीफे दिए हैं उस लिस्ट में पूर्व क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय प्रकाश जावड़ेकर, थावरचंद गहलोत, डॉ हर्षवर्धन, संतोष गंगवार, रमेश पोखरियाल निशंक, रतनलाल कटारिया, संजय धोत्रे, राज्य मंत्री, देबोश्री चौधरी, बाबुल सुप्रियो, सदानन्द गौड़ा, प्रताप सारंगी।

आर इंद्रजीत सिंह और डॉ. जितेंद्र सिंह को राज्यमंत्री के रूप में स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। अब अगर राज्यमंत्रीयों की लिस्ट में शामिल हुए नए चेहरों की बात करें तो इस लिस्ट में कैलाश चौधरी को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अजय भट्ट को रक्षा मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। भगवंत खुबा को नवीन एवं नवीनीकृत ऊर्जा मंत्रालय और केमिकल एवं फर्टिलाइजर मंत्रालय में राज्य मंत्री का पद सौंपा गया है।

इस लिस्ट में अन्नपूर्णा देवी, मीनाक्षी लेखी, राजीव चंद्रशेखर, जी किशन रेड्डी, भूपेंद्र यादव, पशुपति पारस सहित और 22 सदस्यों को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गयी।

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अब बात करते हैं मोदी को इस फेरबदल की जरूरत क्यों पड़ी ?

कैबिनेट का विस्तार ऐसे वक़्त में किया गया है जब उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव नज़दीक हैं। और मोदी सरकार को 2024 के लोकसभा चुनाव जितने के लिए इन राज्यों में अपनी सरकार बनाना बहुत जरुरी है। ऊपर से मोदी कैबिनेट से 12 मंत्रियों को छुट्टी पर भेज दिया गया, तो ऐसे वक़्त पर कैबिनेट विस्तार की जरूरत मोदी सरकार को पड़ गयी।

ऊपर से पार्टियों की निगाहें 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर लगी हुई हैं। इनमें से उत्तरप्रदेश के 6 सदस्यों को मंत्री परिषद में जगह मिला है। जिनके नाम इस प्रकार हैं – अनुप्रिया पटेल, कौशल किशोर, एसपी बघेल पंकज चौधरी, बीएल वर्मा, अजय कुमार, भानु प्रताप सिंह वर्मा शामिल हैं।

अब ये देखना दिलचस्प होगा की क्या फर्क पड़ता है इस मंत्रीमंडल के विस्तार और नए चेहरों के शामिल होने से।