अभी केंद्र सरकार की वैक्सीन नीति लाना कितना सही!

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लगभग पिछले डेढ़ साल से दुनिया भर में कोरोना अपना नंगा नाच, नाच रहा है। दुनियाभर में लाखों लोगों ने अपने प्रिय जनों से हाथ धो बैठे हैं। कुछ देश कोरोना के इस बढ़ते संक्रमण पर अपना काबू पा सके हैं तो वहीं कई देश आज भी इससे जंग लड़ रहे हैं। इस सूची में भारत अव्वल नंबर पर स्थित है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के वक्त ना सिर्फ इंसानी जाने गई, बल्कि इंसानियत का भी गला खूब घोटा गया। जहां देश में एक-एक सांस के लिए लोग मर रहे थे वही 50-60 हजार के एक-एक ऑक्सीजन सिलेंडर बिक रहे थे। लोग अपने मां-बाप, भाई-बहन, दादा-दादी के लिए पैसों की चिंता छोड़ ऑक्सीजन सिलेंडर लेने निकल जाते थे चाहे वह 50 हजार में मिले या फिर 90 हजार में। केवल ऑक्सीजन सिलेंडर की बात नहीं है इस सूची में कोरोनावायरस से बचाने वाला सबसे महत्वपूर्ण इंजेक्शन Remdeshivir भी शामिल है। इस सूची में दवा दुकानों द्वारा मन माना कीमत वसूलना हो या फिर एंबुलेंस कर्मचारियों द्वारा। इस महामारी ने कईयों के लिए कमाई के अवसर खोल दिए। जिनके पास पैसा रहा उन्होंने अपने प्रिय जनों के जान बचा लिए और जिनके पास ना रहा वह भगवान के सामने हाथ जोड़े खड़े हो लिए।

केंद्र सरकार ने भारत में नई वैक्सीन नीति लागू की है। केंद्र सरकार ने कोरोना के इलाज से जुड़ी कुल 17 वस्तुओं पर GST को कम कर दिया है। इन 17 वस्तुओं को 4 श्रेणियों में रखा गया है। जिसमें आपको बता दें पहली श्रेणी में इलाज से जुड़ी दवाएं, दूसरी श्रेणी में ऑक्सीजन तथा ऑक्सीजन से जुड़े उपकरण, तीसरी श्रेणी में टेस्टिंग किट रखी गई है तथा चौथी श्रेणी में कोरोना राहत जुड़ी अन्य वस्तुओं को रखा गया है। केंद्र सरकार द्वारा नई वैक्सीन नीति के कारण वैक्सीन पर लगने वाले 5% GST में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही किसी भी वस्तुओं पर GST दर कराई गई है। कम की गई दरें अगले 30 सितंबर तक मान्य होगी। 44वीं GST काउंसलिंग की बैठक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में की गई। स्वास्थ्य मंत्रालय और फार्मा विभाग की तरफ से मंजूरी प्राप्त होने के बाद कोरोना इलाज से जुड़ी किसी भी दवाओं पर 5% से अधिक GST नहीं लिया जाएगा।

यह देश के उन हर लोगों के लिए खुशी की बात है जिनके घरवाले आज कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार को यह जवाब भी देना होगा कि यदि यह दरें 2 महीने पहले कम कर दी जाती तो शायद भारत में कोरोना की दूसरी लहर की वजह से मौतों का आंकड़ा थोड़ा कम होता। क्या इन वस्तुओं पर 2 महीने पहले GST की दरों को कम नहीं किया जा सकता था? आज जब देश में कोरोना की दूसरी लहर धीरे धीरे हम रही है तब केंद्र सरकार नई वैक्सीन नीति ला रही है। अगर यह नीति पहले ला दी जाती तो क्या मौतों का आंकड़ा कम नहीं होता?