दिव्यांग छात्रों को सरकार ने दिया एक तोहफा, जारी किया e-Content बनाने के दिशानिर्देश

Share It

बीते एक साल से इस कोरोना महामारी ने बच्चों की पढ़ाई को बहुत प्रभावित किया है। पढ़ाई को संचालित रखने के लिए ऑनलाइन क्लास का सहारा लिया जा रहा है। ऐसे में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई काफी बाधित हो रही है। केंद्रीय श‍िक्षामंत्री Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ ने दिव्यांग बच्चों के लिए e-Content तैयार करने के लिए गाइडलाइन जारी किया है।

रमेश पोखरियाल ने इसकी जानकारी ट्वीटर के माध्यम से दी। उन्होंने ट्वीटर पर ट्वीट करते हुए लिखा, “स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में विकलांग बच्चों के लिए ई-कंटेंट के विकास के लिए दिशा-निर्देश साझा किए।”

गौरतलब है कि मई 2020 में डिजिटल, ऑनलाइन और ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करने के उद्देश्य से PM e-VIDYA की शुरुआत की गई थी। इसके तहत दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष ई-सामग्री (ऑनलाइन शिक्षा सामग्री) को तैयार करने की परिकल्पना की गई थी। विशेष ई-कंटेंट तैयार करने के लिए स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने एक समिति का गठन किया था।

e-Content की मुख्य विशेषताएं निम्मलिखित हैं

➤दिव्यांग छात्रों लिए ई-सामग्री (ऑनलाइन शिक्षा सामग्री) को चार सिद्धांतों बोधगम्य, संचालन योग्य, समझने योग्य और सुदृढ़ आधार पर विकसित किया जाना चाहिए।
➤ई-कंटेंट को टेक्स्ट, टेबल, डायग्राम, विजुअल, ऑडियो, वीडियो आदि जैसे एक्सेसिबिलिटी मानकों सहित राष्ट्रीय मानक (GIGW 2.0) और अंतर्राष्ट्रीय मानक (WCAG 2.1, E-Pub, DAISY आदि) का पालन करना चाहिए।
➤डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफ़ॉर्म जिन पर कंटेंट अपलोड की जाती है और रीडिंग प्लेटफ़ॉर्म/डिवाइस जिन पर कंटेंट एक्सेस और इंटरैक्ट की जाती है, उन्हें तकनीकी मानकों का पालन करना चाहिए।
➤दिव्यांग छात्रों की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए उचित शैक्षणिक आवास की सिफारिश की गई है।
➤समिति ने यह भी सिफारिश की है कि चरणबद्ध तरीके से पाठ्यपुस्तकों को Accessible Digital Textbooks (ADTs) में रूपांतरित किया जा सकता है।
➤ADTs की कंटेंट को टर्न-ऑन और टर्न-ऑफ सुविधाओं के साथ कई प्रारूपों (टेक्स्ट, ऑडियो, वीडियो, साइन लैंग्वेज आदि) में प्रदान किया जाना चाहिए।
➤सेक्शन 6 से 9 में, समिति ने विशिष्ट छात्रों के लिए बौद्धिक और विकासात्मक अक्षमताओं, बहु-विकलांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार, सीखने की अक्षमता, अंधापन, कम दृष्टि, सुनने में कठिनाई और आदि के लिए RPWD Act 2016 में निर्दिष्ट 21 अक्षमताओं के अनुसार पूरक ई-सामग्री के विकास के लिए विशिष्ट दिशानिर्देशों की सिफारिश की है।
➤रिपोर्ट की धारा 10 में कंटेंट निर्माताओं, कंटेंट डिजाइनरों, डेवलपर्स, प्रकाशकों के साथ व्यापक रूप से साझा करने के लिए सिफारिशों का सारांश प्रस्तुत किया गया है।
➤एक्सेसिबिलिटी दिशानिर्देशों के अनुपालन को सुदृढ़ करने के सुझावों के साथ कार्यान्वयन रोडमैप रिपोर्ट की धारा 11 में प्रस्तुत किया गया है।
➤साइन लैंग्वेज वीडियो के उत्पादन के लिए व्यापक दिशानिर्देश और तकनीकी मानकों को रिपोर्ट के अपेंडिक्स-1 में प्रदान किया गया है।
➤कंटेंट विकास और शैक्षणिक आवास के लिए Universal Design for Learning( UDL) दिशानिर्देश रिपोर्ट के अपेंडिक्स-2 में दिए गए हैं।