विवादों में Gautam Gambhir फाउंडेशन

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा की ओर से पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का फाउंडेशन कोरोना की दवा के जमाखोरी का आरोपी पाया गया है।
दिल्ली सरकार के दवा नियंत्रक ने 3 जून को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि गौतम गंभीर फाउंडेशन को COVID-19 रोगियों को दी जाने वाली दवा फैबीफ्लू का अनधिकृत रूप से भंडारण, खरीद और वितरण करने का दोषी पाया गया था। ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि इस फाउंडेशन ने गैरकानूनी तरीके से दवा की जमाखोरी की और इसे मरीजों में बांटा। बिना देरी किए इस फाउंडेशन और डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गौतम गंभीर पर इन संगीन आरोपों के लगने के बाद गौतम गंभीर ने एक ट्वीट कर इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शहीद भगत सिंह (Bhagat Singh) का एक कोट (Quote) ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं एक इंसान हूँ और वो हर चीज़ जो मानव जाति को प्रभावित करती है वो मुझे चिंतित करती है।

बता दें, गौतम गंभीर ने देश में दवाइयों की किल्लत के समय मुफ्त दवा का वितरण किया था। उन्होंने अप्रैल में एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि उनके कार्यालय से मरीज फेबीफ्लू (Fabiflu) दवा ले जा सकते हैं। दवा लेने के लिए मरीजों को अपने साथ डॉक्टर का पर्चा और आधार कार्ड लेकर जाने की जरूरत थी।

गंभीर के अलावा अन्य नेताओं ने भी कोविड की दवा और ऑक्सिजन आदि का वितरण किया था। यह सब उस वक़्त किया गया था जब पूरे देश में कोरोना से जुड़ी दवाओं और ऑक्सिजन की किल्लत चल रही थी।

आम आदमी पार्टी की विधायक प्रीति तोमर और प्रवीण कुमार ने भी कोरोना की दवाओं और सिलेंडरों की खरीद की थी। इस मामले में संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग कंट्रोलर को जांच के आदेश दिए थे।

ड्रग कंट्रोलर ने फाउंडेशन को भेजा था नोटिस

ड्रग कंट्रोलर ने अपनी जांच के बाद बताया कि गंभीर फाउंडेशन ने 2349 फेबी फ्लू की स्ट्रिप खरीदी हैं। इसके अलावा 120 ऑक्सीजन सिलेंडर भी खरीदे गए थे, जिन्हें अधिकृत डीलरों द्वारा भरवाया गया था। इन दवाओं और ऑक्सिजन का मरीजों में मुफ्त वितरण किया गया था।

इसके बाद गंभीर फाउंडेशन को नोटिस भेजकर पूछा गया था कि उन्होंने फेबीफ्लू कहां से खरीदी और क्या उन्होंने इसके लिए किसी अधिकृत संस्थान से मंजूरी ली थी? हाईकोर्ट से ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि गंभीर फाउंडेशन के खिलाफ इस तरह से दवा की जमाखोरी के मामले में कार्रवाई की जाएगी।

ड्रग कंट्रोलर ने अदालत को सूचित किया कि आम आदमी पार्टी विधायक प्रवीण कुमार को भी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत इसी तरह के अपराधों के लिए दोषी पाया गया है।

अदालत ने ड्रग कंट्रोलर को छह सप्ताह के भीतर इन मामलों में आगे की जांच में प्रगति पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख दी गयी है।