Cyclone Yaas: तूफान ने किया बिहार का रुख, 4 दिनों तक होगी भारी बारिश

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बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘यास’ अब ‘बिहार’ की ओर रुख कर चुका है। 26 मई की सुबह ओडिशा के बालसोल तटीय क्षेत्र में टकराया। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तूफान के तट से टकराने के बाद 144 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली और तेज बारिश हुई।
26-27 मई की रात को करीब 2 बजे इस तूफान ने झारखंड में प्रवेश किया। आज, 27 मई की दोपहर में बांका जमुई होते हुए यह बिहार में एंट्री करेगा। चक्रवाती तूफान यास के कारण बिहार में भारी बारिश की आशंका है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने हाईअलर्ट जारी कर दिया है। नदियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। मुख्यालय की ओर से हर तीन घंटे पर नदियों के जलस्तर की रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद किया गया है।

बिहार के कई क्षेत्रों में हो रही है बारिश

बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। दरभंगा , मधेपुरा में भी हल्की बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार तूफान 27 मई के दोपहर में बेतिया, गोपालगंज से होता हुआ पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर रुख करेगा। तूफान की वजह से 26 मई को कोलकत्ता की 31 फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया था। मौसम खराब होने की वजह से लोगों को यातायात में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

यास तूफान को ले कर बिहार में 4 दिनों विशेष अलर्ट

यास तूफान के मद्देनजर बिहार में 4 दिनों का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 27 मई को राज्य के 38 जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। आपदा को लेकर पूरा बिहार अलर्ट पर है। तेज रफ्तार में चलने वाली हवाओं के कारण बिहार के सभी जिलों में आपदा से सुरक्षा के लिए टीमों को तैनात किया गया है। मौसम विभाग ने जमुई और बांका में 70 एमएम से अधिक बारिश होने की संभावना जताई है। यास तूफान का असर बिहार में चार दिनों तक रहेगा। इस दौरान 160 एमएम बारिश होने की संभावना है।

गंगा से दूर रहने की सलाह

तूफान यास का असर मुंगेर में दिख रहा है। 26 मई को रुक-रुक कर हल्की बारिश हुई। 27 मई को 26 किमी की रफ्तार के साथ लगातार हो रही बारिश से तापमान में अचानक गिरावट देखी जा रही है। लगातार हो रही बारिश और तूफान से बचाव को लेकर मछुआरों ने अपने नाव गंगा किनारे हीं बांध दिए हैं। फिलहाल गंगा नदी में लहरें नहीं उठ रही हैं। प्रशासन की ओर से नाविकों को नाव लेकर गंगा मे जाने से मना किया गया है।