Indian Mango : बढ़िया चीज विदेश गए, हम आंठी पकड़े रह गए

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पिछले दिनों, बिहार के मुजफ्फरपुर की ‘शाही लीची’ का स्वाद यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) और भागलपुर शहर के आम का स्वाद लंदन (London) वालों ने चखा था। अब बिहार का फेमस जरदालु आम बहरीन को निर्यात किया जा रहा है। दरअसल, पूर्वी क्षेत्र से आम के निर्यात की संभावना को बढ़ावा देने के लिए, तीन GI सर्टिफाइड खिरसापति और लक्ष्मणभोग (पश्चिम बंगाल), जरदालु (बिहार) सहित आम की सोलह किस्मों को बहरीन (Bahrain) को निर्यात किया जा रहा है।

फलों को बंगाल और बिहार के किसानों से APEDA रजिस्टर्ड निर्यातक, DM इंटरप्राइजेज, कोलकाता द्वारा प्राप्त किया गया है और Al Jazeera ग्रुप, बहरीन द्वारा आयात किया गया है। भारत के अधिकांश राज्यों में आम के बागान हैं, जबकि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar) , आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh), तेलंगाना (Telangana) , कर्नाटक (Karnataka) का फल के कुल उत्पादन में बड़ा हिस्सा है।

आमों को APEDA रजिस्टर्ड पैकहाउस सुविधाओं द्वारा संसाधित किया जाता है और फिर Middle East, European Union, USA, Japan और South Korea सहित विभिन्न क्षेत्रों और देशों में निर्यात किया जाता है। अल्फांसो, केसर, तोतापुरी और बंगनपल्ली भारत से निर्यात की जाने वाली प्रमुख किस्में हैं। इस सीज़न में पहली बार, भारत ने आंध्र प्रदेश के कृष्णा और चित्तौड़ जिलों के किसानों से प्राप्त GI सर्टिफाइड बंगनपल्ली और अन्य किस्म के सुरवर्णरेखा आमों की 2.5 मीट्रिक टन की खेप भेजी है।

APEDA नॉन-ट्रेडिशनल क्षेत्रों और राज्यों से आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रहा है। APEDA आम के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए Virtual Buyer Seller Meet और फेस्टिवल आयोजित करता रहा है। इसने भारत और दक्षिण कोरिया के आमों के निर्यातकों और आयातकों को एक मंच प्रदान करने के लिए वर्चुअल मीट आयोजित करने का बीड़ा उठाया है। APEDA ने हाल ही में बर्लिन, जर्मनी में मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया है।