Anirudh Jagannath : नहीं रहें मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति, भारत से था गहरा रिश्ता

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29 मार्च 1930 को मॉरीशस में जन्में भारतीय मूल के मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ (Anirudh Jagannath) के निधन से पुरे मॉरीशस और भारत में शोक की लहर दौर गयी है। वे ऐसे राजनीतिज्ञ रहे जो मॉरिशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों पदों पर रहे हैं। वो वर्ष 2003 से 2012 तक देश के राष्ट्रपति थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनके निधन पर भारत में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

राष्ट्रपति कोविंद ने ट्विटर पर कहा कि भारत-मारीशस संबंधों में उनके ऐतिहासिक योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। सर अनिरुद्ध जगन्नाथ वैश्विक और दूरदर्शी नेता थे। वह पद्म विभूषण और भारत के असाधारण मित्र थे। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जगन्नाथ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे आधुनिक मारीशस के वास्तुकार थे। उन्होंने ट्वीट किया कि पद्म विभूषण सर अनिरुद्ध जगन्नाथ एक बड़े राजनेता थे। उनके परिवार और मारीशस के लोगों के प्रति संवेदना। ओम शांति। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी श्रद्धांजलि दी है। भारतीय मूल के अनिरुद्ध जगन्नाथ मारीशस में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ही पदों पर रहे थे।

गृह मंत्रालय ने मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन पर सरकार ने शनिवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के पूर्वज उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मूल निवासी थे। बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र का अठिलपुरा गांव उनके पुरखों का निवास स्थान रहा है। गांव वालों के अनुसार उनके पिता विदेशी यादव और चाचा झुलई यादव को अंग्रेजों ने वर्ष 1873 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में जहाज से गन्ने की खेती के लिए मारीशस भेजा था। गिरमिटिया मजदूर से लेकर सत्ता के शीर्ष तक का सफर तय करने वाला परिवार आज मॉरीशस का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार भी माना जाता है।