दूध उत्पादक कंपनी और जानवरों के अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्थान के बीच छिड़ी जंग

Share It

दूध उत्पादक कंपनी Amul और जानवरों के अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्थान PETA के बीच विवाद छिड़ गया है। अमूल के वाईस- चेयरमैन Valamji Humbal ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस एनजीओ पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। PETA पर ये आरोप लगाया गया है की ये भारतीय डेयरी क्षेत्र की छवि खराब कर 10 करोड़ लोगों की आजीविका को बर्बाद करने का प्रयास कर रहा है।

दरअसल, पिछले दिनों जानवरों के संरक्षण के लिए काम करने वाली अमरीकी संस्था People for the Ethical Treatment of Animals (PETA) इंडिया ने देश की सबसे बड़ी डेयरी अमूल को वीगन मिल्क (Vegan Milk) उत्पादन करने का आग्रह किया। इस एनजीओ ने अमूल से प्लांट-बेस्ड दूध और भोजन के लिए बाजार को एक्सप्लॉइट करने के लिए अपनी स्थिति का लाभ उठाने पर करवाई की जाने का आग्रह किया।

अमूल के वाईस- चेयरमैन Valamji Humbal ने कहा की “भारत के सकल घरेलू उत्पाद में डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है लेकिन इस गैर सरकारी संगठन जैसे अवसरवादी तत्वों द्वारा फैलाई गई गलत सूचना से जीडीपी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस तरह के संगठन भारत के दूध उत्पादकों को बेरोजगार करने की साजिश का हिस्सा हैं। ये संगठन सिंथेटिक दूध का उत्पादन करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के संयंत्रों को प्रोत्साहन दे रहे हैं।”

अमूल भारत का एक दुग्ध सहकारी आन्दोलन है जिसका मूल एक छोटा शहर आणंद (गुजरात) में है। आणंद देश के दूध की राजधानी के नाम से प्रसिद्ध है। अमूल एक ब्रान्ड नाम है जिसकी स्थापना 14 दिसम्बर, 1946 में हुई। अमूल ने भारत में श्वेत क्रान्ति की नींव रखी जिससे भारत, संसार का सर्वाधिक दुग्ध उत्पादक देश बन गया है।