BPSC पेपर लीक कांड: टायर का पंक्चर बनाने वाले पर शक, प्रश्नपत्र ईमेल करने की आशंका, EOU ने जब्त किया मोबाइल

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PATNA : 8 मई को आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Test) के पेपर लीक (paper leak) मामले में एसआईटी टीम ने रविवार को दरभंगा में दस्तक दी. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की चार सदस्यीय टीम ने छापेमारी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की.

बताया जा रहा है कि बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) के पेपर मामले में जांच कर रही ईओयू की चार सदस्यीय टीम ने रविवार को दरभंगा जिले के लालबाग स्थित अंसारी मोहल्ले में छापेमारी की. टीम मो. आफताब उर्फ राजा को पकड़ने गई थी. लेकिन वह करमगंज मोहल्ले में किसी के यहां शादी में गया था. इसलिए टीम ने मो. आफताब उर्फ राजा के भाई मो. रिजवान को हिरासत में लेकर थाने ले गई.

स्थानीय लोगों के मुताबिक मो. आफताब उर्फ राजा अपने भाई मो. रिजवान के साथ टायर का पंक्चर बनाता है. दोनों भाई लालबाग में ही टायर पंक्चर बनाने की दुकान चलाते हैं. रात में करीब 2 बजे शादी से लौटने के बाद आफताब को पता चला कि उसका भाई थाने में है. वह भी रात में ही थाने पहुंच गया. वहां दोनों भाइयों से पूछताछ हुई. इस दौरान टीम ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया.

दोनों भाइयों ने ईओयू के अधिकारियों से कहा कि बीपीएससी पेपर लीक कांड में उनकी कोई सहभागिता नहीं है. पूछताछ के पुलिस ने दोनों भाइयों को छोड़ दिया और उनसे उनसे कहा कि दोनों मंगलवार को पटना ईओयू के कार्यालय में आएं.

जानकारी के मुताबिक ईओयू को शक है कि आफताब के फोन से हॉट स्टॉट से पेपर मेल किया गया. टीम को शक है कि आफताब के मोबाइल से जीमेल का उपयोग पेपर को इधर-उधर करने में किया गया. साथ ही उसके घर के इंटरनेट का भी इस्तेमाल किया गया है. फिलहाल ईओयू की टीम दोनों भाइयों के मोबाइल फोन को खंगालने में जुटी हुई है.

आपको बता दें कि आठ मई (रविवार) को बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (Combined Competitive Examination) का क्वेश्चन पेपर लीक हो गया था. इस शिकायत को लेकर एक कमिटी का गठन किया गया था. आयोग ने गठित जांच दल से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा था लेकिन महज कुछ ही घंटों में लीक प्रश्न पत्र मूल प्रश्न पत्र से मैच कर गया और परीक्षा रद्द कर दी गई.

बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (Combined Competitive Examination) के लिए 1083 केंद्र बनाये गए थे. राजधानी पटना में 83 सेंटर बनाये गए थे. बीपीएससी 67वीं में 802 पदों के लिए परीक्षा में 5 लाख 18 हजार परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे. जिसमें लड़कियों की संख्या भी डेढ़ लाख से अधिक है.

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए 6 लाख दो हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था. एक पद के लिए लगभग 645 अभ्यर्थियों के बीच प्रतियोगिता हो रही है. सभी परीक्षा केन्द्रों पर ओएमआर और प्रश्न पहले ही भेज दिया गया था. सभी परीक्षा केन्द्रों पर धारा 144 लागू थी. परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी तरह की दुकान और भीड़ लगाने की अनुमति नहीं थी.