Bihar के मजदूरों के लिए खुशखबरी, बच्चों को पढ़ाने के लिए 25-25 हजार रुपये देगी नीतीश सरकार

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PATNA : बिहार (Bihar) के मजदूरों के लिए एक खुशखबरी है. श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार 25-25 हजार देने जा रही है. ये पैसा पहले भी दिया जाता था. लेकिन नीतीश सरकार ने अब इसकी अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी है. बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से निबंधित श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए नकद पुरस्कार दिए जायेंगे.

बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री श्रम मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों के शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान है. 80 फीसदी से अधिक अंक लाने पर 25 हजार, 70 से 79.99 फीसदी लाने पर 15 हजार जबकि 60 से 69.99 फीसदी अंक लाने पर 10 हजार दिए जाएंगे. बच्चे अंक पत्र निर्गत होने की तिथि से एक वर्ष की अवधि तक आवेदन कर सकते हैं. यानी कि प्रथम श्रेणी से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा पास करने वाले बच्चे अब एक साल तक आवेदन दे सकेंगे.

आपको बता दें कि पहले विभाग की नकद पुरस्कार योजना के तहत उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के अंक पत्र के साथ वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च तक आवेदन करना अनिवार्य होता था, लेकिन विभाग ने नियमावली में संशोधन कर अंक पत्र जारी होने की तिथि से एक वर्ष की अवधि तक आवेदन करने की व्यवस्था कर दी है. ताकि श्रमिकों के मेधावी बच्चों को लाभ मिल सके.

विभाग ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त) संशोधित नियमावली, 2016 के तहत नकद पुरस्कार का प्रविधान किया है. इसके मुताबिक प्रत्येक वर्ष सभी जिलों के तीन निबंधित निर्माण श्रमिक के एक पुत्र और एक पुत्री को, जिन्होंने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैटिक एवं इंटर परीक्षा में अपने जिला में अधिकतम अंक प्राप्त किया हो, 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है.

मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण लाभुकों को लाभ पाने के लिए जिला श्रम अधीक्षक कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा. इसके साथ हीं निबंधन कर्मकार को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण पुत्र-पुत्री का अंक पत्र और उसके नाम से बैंक खाता भी जमा करना होगा. प्रोत्साहन की राशि छात्र-छात्राओं के खाते में भेजी जाएगी. प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण निबंधित श्रमिकों के दो बेटे-बेटियों को विभाग द्वारा नगद पुरस्कार दिया जाएगा. इसके लिए लाभुकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा.

बिहार में कैसे बनवाएं लेबर कार्ड

सबसे पहले http://bocw.bihar.gov.in/ वेबसाइट को लॉगिन करें।

वेबसाइट की दाईं साइड लाल पट्टी पर आपको लिखा दिखेगा ‘नए निबंधन के लिए अनुरोध’। इसपर क्लिक करें। यहां क्लिक करते ही एक PDF फाइल अपलोड होगा। इस PDF फाइल में आप योजना से जुड़ी सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

सारी जानकारी हासिल करने के बाद आप अपने ब्लॉक में जाकर वहां श्रम संसाधन विभाग के अफसर से मिलें। उनसे लेबर कार्ड बनवाने का फॉर्म मांगे।
आप चाहे तो अपने पंचायत के मुखिया से भी इस फॉर्म की डिमांड कर सकते हैं।

फॉर्म अच्छे से भरने के बाद, उसके साथ सारे डॉक्यूमेंट डॉक्यूमेंट संलग्न कर अपने ब्लॉक के श्रम संसाधन विभाग में जाकर जमा करें। फॉर्म के साथ जरूरी कागजात में आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति या नेम प्रिंटेड कैंसिल चेक होना अनिवार्य है।

बिहार में किस पेशे से जुड़े लोग बनवा सकते हैं लेबर कार्ड –

भवन निर्माण एवं रोड निर्माण कार्य में कुशल कोटि के कामगार
राज मिस्त्री
राज मिस्त्री हेल्पर
बढ़ई
लोहार
पेंटर
भवन में बिजली एवं इससे जुड़ा काम करने वाले इलेक्ट्रिशियन
भवन में फर्श/फ्लोर टाइल्स का कार्य करने वाले मिस्त्री और उसके सहायक
सेंट्रिंग एवं लोहा बांधने का कार्य करने वाले
गेट ग्रिल एवं वेल्डिंग का काम करने वाले
कंक्रीट मिक्सर मशीन चलाने वाले और कंक्रीट मिक्स ढोने वाले
महिला कामगार (रेजा) जो सीमेंट, गारा मिक्स ढोने का कार्य करती हैं

रौलर चालक
रोड पुल एवं बांधी निर्माण कार्य में लगे मजदूर
रोड, पुल, बांध, भवन निर्माण कार्य में विभिन्न आधुनिक यंत्रों को चलाने वाले मजदूर
रोड, पुल, बांध, रेलवे, भवन निर्माण कार्य स्थल पर गार्ड/चौकीदार की नौकरी करने वाले
भवन निर्माण में जल प्रबंधन का कार्य करने वाले पलम्बर के निर्माण में लगे अकुशल अस्थाई कामगार
मनरेगा कार्यक्रम के अंतर्गत (बागवानी एवं वानिकी को छोड़कर)
यहां बता दें कि कारखाना अधिनियम 1948 एवं खान अधिनियम 1952 के अंतर्गत निर्माण कार्य में संलग्न श्रमिक इसमें शामिल नहीं हैं।